जन्म-जन्मांतरों की परतों का रेचन… मनुष्य के भीतर केवल इस जन्म के अनुभव और संस्कार ही जमा...
साहित्य/आध्यात्म
एक समय था जब अपना नाम लिख लेना ही साक्षरता मानी जाती थी। फिर कंप्यूटर चलाना सीखना...
डॉ. शैलेश शुक्ला मो.:+91-8759411563, 9312053330 देश के सरकारी बैंकों में 26 से 30 सितंबर तक लगातार पाँच दिन...
इन दिनों सोशल मीडिया पर एक तस्वीर बार-बार दिखाई दे रही है—आज का चेहरा, लेकिन 1980 के...
इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक में दुनिया जिस सबसे बड़े बदलाव की गवाह बन रही है, वह...
अखण्ड-भूमंडलाचार्य श्रीमद् वल्लभाचार्य-प्रधान पीठाधीश्वर अनंत श्रीविभूषित गो. तिलकायित श्री गोवंदलालजी महाराजश्रीने ‘श्रीयमुनाष्टकम्‘ की व्याख्या करने का...
कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब भविष्य की कोई दूर की तकनीक नहीं रह गई है।...
यह प्रसंग बहुत गहरी बात कहता है। इसे केवल भविष्यवाणी की तरह पढ़ना इसके आध्यात्मिक अर्थ को...
पिछले एक दशक में भारत में विवाह को लेकर जो आंकड़े आए हैं, वे व्यक्तिगत राय नहीं,...
शरीर बूढ़ा होता है, आत्मा नहीं—फिर हमें वृद्धावस्था से इतना भय क्यों? बचपन में हम बड़े होने...
