
नर्मदापुरम 27,दिसंबर,2025 (हिन्द संतरी- आत्माराम यादव द्वारा ) देश के जिस घर-परिवार में 5 आईएएस , 5 आईपी एस सहित 11 अन्य अफसर हो , तो उस परिवार में सिवाय देशप्रेम और अपने परिवार को विरासत में मिली पूंजी को जी भरकर खर्च किया जाएगा , ऐसे ही केरल कैडर के वरिष्ठ आईएएस टीकाराम मीना जी को अपने पिता से गरीबी मिली और उन्होंने और उनके बड़े भाई रतनलाल मीना ने पेड़ों के नीचे पढ़ाई करके सिविल सेवा में स्थान बनाया जिनकी संतानों ने देश प्रदेश में अपनी सेवाए देते हुए सवाई माधोपुर की ग्राम पंचायत जोलंदा के ग्राम ढाणीपूरा के पचास घरों में अपनी पहचान बनाकर गोरवान्वित किया | आज उसी अफसरों के परिवार की एक बेटी सुश्री सुश्री सोनिया मीना के द्वारा अनूपपुर के बाद नर्मदापुरम की कलेक्टर का जिम्मा मिलते ही जिले में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के प्रयोग की शुरुआत मिशन परिवर्तन@100 के नाम से की है जिसमें प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं का निरीक्षण परिवर्तक अधिकारियों द्वारा निरंतर किया जाकर जिले के स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने की मुहिम चालु की गई है। कलेक्टर सुश्री मीना ने इस प्रयोग के पूर्व जिले के दूरदराज के अनेक स्कूलों में धुआदार दौरा किया जहाँ आजादी के बाद कोई कलेक्टर नहीं पंहुचा, वहा पहुंचकर शालाओं में बच्चों के साथ क्लासरूम में पढ़ाई के साथ साथ सामान्य ज्ञान के प्रश्नों के द्वारा पढ़ाई के स्तर का आंकलन किया फिर शालाओं की समस्या और बच्चों को होने वाली परेशानी आदि को समझने के बाद तत्काल उनके निराकरण के लिए यह नवाचार प्रयोग उठाए जिसके परिणाम अब धरातल पर दिखने लगे है ।
नर्मदापुरम की कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना की छोटी बहिन एसडीएम है तो वही भाई, बहिन, पिता और बड़े पापा के रूप में अफसरों की 21 सदयीय फौज है जिनके आदर्श और नैतिकता को आत्मसात कर वे प्रशासनिक सेवा में प्रवेश कर उनकी विरासत का प्रतिबिम्ब प्रस्तुत कर रही है। एक परिवार में दो पीढ़ियों का अनुभव और काम के प्रति दिलेरी का ही परिणाम है की वे जो करती है वह मिसाल बन जाती है जिसकी पहली सफलता तब देखने को मिली जब नर्मदापुरम में कलेक्टर की जिम्मेदारी सँभालते ही लोकसभा चुनाव आ गए जिसे अल्प समय में सफलतापूर्वक संपन्न कराये जाने पर राष्ट्रीय मतदाता दिवस के अवसर पर लोकसभा निर्वाचन 2024 विशेष श्रेणी पुरुस्कार आईटी इनिशिएटिव और स्वीप गतिविधियों के लिए निर्वाचन में समग्र रूप से उत्कृष्ट कार्य किये जाने हेतु सुश्री मीना को नईदिल्ली में सम्मानित किया गया।| सुश्री मीना के पास विरासतं में अपने अफसर परिवार के सभी सदस्यों के अनुभव का अपार भंडार है, जो इन्हें मिल रहा होगा इससे इनके कार्यों में निरंतर निखार और नयापन देखा जा सकता है, कहना न होगा “”मिशन परिवर्तन@100”” इनकी दूरगामी सोच है जो न तो राज्य सरकार की योजना का अंग है और न ही केंद्र सरकार की योजना है।
कलेक्टर सुश्री मीना ने शिक्षा के क्षेत्र में ग्रामीण विकास और कल्याण की शुरुआत “”सीटी बजायों,बच्चे बुलाओं”” अभियान से कर सरकारी स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने का अद्भुत काम किया है जो परिदृश्य में इनके कलेक्टर रह चुके पिता टीकाराम जी मीना की कार्यपद्धति का प्रयोग माना जा सकता है जो ग्रामीण शिक्षा के रूप में उनकी उपलब्धियों में गिना जाता है। ऐसे प्रयोग से इनके पिता को जिस जिले में कलेक्टर होते वहां के ग्रामीणों का अत्यधिक स्नेह और प्यार मिला करता था| बात जो भी हो किन्तु नर्मदापुरम में अब इस प्रयोग से शिक्षकों की मनमानी पर रोक लगी है और उनमें प्रशासन का खौफ नजर आने लगा है| यही कारण है जिले में शहरी ही नही अपितु ग्रामीण शालाओं में जहां शिक्षक उपस्थिति में भी जबरदस्त सुधार देखने को मिला वहीं छात्र उपस्थिति में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। बात करें अगर शालाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति की तो प्रत्येक शाला में औसतन 70 प्रतिशत विद्यार्थियों की उपस्थिति दर्ज की गई है। इसी प्रकार निरीक्षण के दौरान शालाओं में शिक्षकों की औसतन उपस्थित 90 प्रतिशत से 100 प्रतिशत के बीच में दर्ज की गई है।
