कविता

विषय: अंगदान दिवस (घनाक्षरी छंद) अंग दान महा दान, काम है बड़ा महान। देके अंग दान दूजा,...
पाकर सब, कुछ ना मिले, होकर जिम्मेवार। कितना धोखेबाज़ है, ‘सौरभ’ ये किरदार।। जिनको अपना मानकर, सौंपा...