बिहार । शनिवार रात बिहार के झाझा–जसीडीह रेलखंड पर एक भीषण ट्रेन हादसा हुआ जिससे रेलवे परिचालन पूरी तरह से बाधित हो गया। टेलवा बाजार हाल्ट के पास पुल संख्या 676 पर एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई जिससे न केवल मालगाड़ियों बल्कि एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनों के मार्ग पर भी असर पड़ा। इस हादसे ने रेलवे सिस्टम को हिलाकर रख दिया और करीब 34 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।
हादसे का विवरण
रात के वक्त हुआ यह हादसा तब हुआ जब मालगाड़ी पुल से गुजर रही थी और अचानक उसके डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना के बाद रेलवे विभाग ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया लेकिन इस दुर्घटना के कारण ट्रैक पूरी तरह से जाम हो गया और यातायात बाधित हो गया। हादसे के कारण अप लाइन की 22214 पटना–शालीमार दुरंतो एक्सप्रेस को घंटों झाझा स्टेशन पर रोक दिया गया। ट्रेन को लंबी देरी के बाद गया–किऊल रेलखंड के रास्ते वापस भेजा गया। इस घटना के कारण कई एक्सप्रेस ट्रेनें भी विभिन्न स्टेशनों पर खड़ी रहीं जिनमें जमुई और मननपुर स्टेशनों पर खड़ी ट्रेनें शामिल थीं।रेलवे विभाग ने इन ट्रेनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजने का निर्णय लिया लेकिन यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेनें कई घंटों तक खड़ी रही और इस दौरान यात्री अपनी यात्रा में भारी विलंब का सामना करते रहे।
कई जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों का प्रभावित होना
इस हादसे के कारण लगभग 34 जोड़ी एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा जो इस रूट से गुजरने वाली थीं। इनमें से कई ट्रेनों के मार्ग को बदला गया और यात्रियों को भारी असुविधा हुई। खासकर उन यात्रियों के लिए यह बहुत कठिन था जिनकी ट्रेनें स्थगित या मार्ग बदलने के बाद भी घंटों तक नहीं चल पाईं।रेलवे अधिकारियों ने कहा कि जैसे ही ट्रैक पर काम पूरा होगा ट्रेनें फिर से सामान्य रूप से चलने लगेंगी। हालांकि घटना के कारण ट्रेन परिचालन में देरी होने से रेलवे विभाग को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा है।
रेलवे द्वारा राहत कार्य की शुरुआत
हादसे के बाद रेलवे अधिकारियों ने तत्परता से राहत कार्य शुरू कर दिया। रेलवे कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे और प्रभावित ट्रैक को सुधारने के लिए काम शुरू किया। वहीं ट्रेनों के मार्ग को बदलने और यात्रियों की सहायता के लिए रेलवे के कंट्रोल रूम द्वारा त्वरित निर्णय लिए गए।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना स्थल पर राहत कार्य तेज़ी से चल रहा है और जल्द ही ट्रैक को बहाल किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रीगणों को वैकल्पिक मार्गों से भेजने के लिए रेलवे द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि लोगों को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दुर्घटना स्थल पर राहत कार्य तेज़ी से चल रहा है और जल्द ही ट्रैक को बहाल किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रीगणों को वैकल्पिक मार्गों से भेजने के लिए रेलवे द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि लोगों को अधिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
यात्री परेशान
इस हादसे ने यात्रियों को भारी परेशानी में डाल दिया। कई यात्री ट्रेन के रुकने और मार्ग बदलने के कारण घंटों तक अपनी यात्रा में देरी का सामना कर रहे थे। सोशल मीडिया पर भी यात्रियों ने अपनी परेशानियों का उल्लेख किया जिसमें देर से ट्रेन चलने जानकारी के अभाव और अधिक समय तक खड़े रहने का जिक्र किया गया।कई यात्रियों ने रेलवे की सेवाओं में सुधार की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके और यात्रियों को सुरक्षित और समय पर अपनी यात्रा पूरी करने का मौका मिले। बिहार के झाझा–जसीडीह रेलखंड पर हुए इस भीषण ट्रेन हादसे ने न केवल ट्रेन यातायात को प्रभावित किया बल्कि यात्रियों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ा। रेलवे ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया लेकिन इस घटना के बाद यह भी स्पष्ट है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए रेलवे को और अधिक सुरक्षा उपायों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
