
नर्मदापुरम 29,दिसंबर,2025 (हिन्द संतरी ) जिले में किसान तीन फसलें लगातार प्राप्त कर रहा है , मुंग के बाद धान का उत्पादन चौकाने वाला है जो देश के अन्य प्रदेशों में जिले की अपनी पहचान बन रहा है, इस वर्ष भी 20 जनवरी तक धान खरीदी होना है लेकिन उसके पूर्व ही गत वर्ष की तुलना में जो धान खरीदी का रिकार्ड बन रहा है वह चौकाने वाला है, इसमें धान के लिए 2 लाख 24 हजार 99 हेक्टेयर में धान की बुआई चौकाने वाली है, क्योकि इतने रकबे में धान के लिए पानी की उपलब्धता किस साधन से कैसे हुई है यह समझ से परे है | निश्चित ही इसमें एक बड़ा खेल हो सकता है जिसमें व्यापारीवर्ग अपने माल को बेचकर शासन को चुना लगा रहा है, इससे इंकार नही किया जा सकता है|
प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में कुल 2,24,099.91 हेक्टेयर क्षेत्र में धान की बुवाई की गई है। पंजीयन कार्य हेतु 30 पंजीयन केंद्र स्थापित किए गए, जिनके माध्यम से कुल 32,388 किसानों का पंजीयन किया गया। इनमें से कुल पंजीकृत रकबा 91,693.89 हेक्टेयर रहा, जबकि 2,386 किसानों ने विभिन्न माध्यमों से पंजीयन कराया। ई-उपार्जन पोर्टल पर कुल 70 उपार्जन केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें 50 जेवीएस गोदाम स्तरीय, 16 शासकीय गोदाम स्तरीय, 1 समिति स्तरीय एवं 3 मंडी स्तरीय केंद्र शामिल हैं। अब तक कुल 25,016 स्लॉट बुकिंग की जा चुकी है। इनमें से 70 केंद्रों पर खरीदी की जा रही है।
धान उपार्जन के तहत अब तक 15104 किसानों द्वारा विक्रय किया गया है। आज दिनांक को 15096 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई, जबकि कुल खरीदी की मात्र 175589 मीट्रिक टन तक हो चुकी है। इसमें से 167051 मीट्रिक टन धान परिवहन हेतु रेडी टू ट्रांसपोर्ट है। परिवहन कार्य के अंतर्गत अब तक 155344 मीट्रिक टन धान का परिवहन किया जा चुका है, जो कुल रेडी टू ट्रांसपोर्ट मात्रा का 95.14 प्रतिशत है। वहीं, कुल स्वीकृत पत्रक मात्रा 136045 मीट्रिक टन है। उपार्जित स्कंद के विरुद्ध 311.48 करोड़ रुपये की राशि के ईपीओ जनरेट किए जा चुके है। गत उपार्जन वर्ष 2024-25 की अवधि में कुल 13642 किसानों ने 166265 एमटी धान का विक्रय समर्थन मूल्य पर किया था।
