भोपाल। नए साल की दस्तक से ठीक पहले भोपाल की सड़कों पर यातायात पुलिस अलर्ट मोड में है। नववर्ष 2026 से पहले होने वाले समारोहों और पार्टियों के मद्देनज़र पुलिस ने नशे में वाहन चलाने से होने वाले हादसों और युवाओं की बढ़ती मौतों को रोकने के लिए सघन अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत शहर के प्रमुख चौराहों और तिराहों पर 48 चेकिंग पॉइंट लगाए गए हैं, जहां दोपहिया, चारपहिया, ऑटो और टैक्सी चालकों की शराब सेवन की जांच ब्रीथ एनालाइजर से की जा रही है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई किसी को परेशान करने के लिए नहीं, बल्कि लोगों की जान बचाने के उद्देश्य से की जा रही है।
आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में हर साल सड़क हादसों में एक लाख 20 हजार से ज्यादा लोग घायल होते हैं। इनमें सबसे ज्यादा प्रभावित 15 से 30 साल के युवाओं का आयु वर्ग है, जो कुल दुर्घटना पीड़ितों का 61 प्रतिशत है।
इसके बाद 31 से 45 वर्ष के लोग 25 प्रतिशत, 46 से 60 वर्ष के 9 प्रतिशत और 60 वर्ष से अधिक के केवल 2 प्रतिशत लोग शामिल हैं। इंदौर, भोपाल और जबलपुर में सबसे ज्यादा सड़क हादसे हुए हैं, जहां तेज रफ्तार, ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और नशे में वाहन चलाना मुख्य कारण बने हैं।
नगरीय यातायात पुलिस ने कहा कि नशे में वाहन चलाने वालों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की जा रही है। दोषी पाए जाने पर 10 हजार रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है और अन्य कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
पुलिस ने अब तक एक दर्जन से अधिक चालकों पर कार्रवाई की है। नववर्ष की पूर्व संध्या और 1 जनवरी को जिलेभर में लगभग चार दर्जन स्थानों पर चेकिंग प्वाइंट सक्रिय रहेंगे, जिसमें यातायात पुलिस के साथ जिले के थाने का बल भी शामिल होगा ताकि किसी भी तरह की लापरवाही पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
भोपाल पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे नशे की हालत में वाहन न चलाएं। एक छोटी सी गलती न केवल चालक की, बल्कि सड़क पर मौजूद अन्य लोगों की जान भी खतरे में डाल सकती है। साथ ही पुलिस ने कहा कि यातायात नियमों का पालन कर लोग अपनी और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। किसी भी असुविधा या मदद के लिए यातायात नियंत्रण कक्ष के नंबर 0755-2677340 या 2443850 पर संपर्क किया जा सकता है।