नियम विरुद्ध परिवहन करते पाए जाने पर 04 बसों को किया गया जब्त
नर्मदापुरम/02,जनवरी,2026/ नर्मदापुरम के संभागायुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी एवं कलेक्टर सुश्री सोनिया मीना के निर्देशों के बाद क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्रीमती रिंकु शर्मा पांच-छह माह बाद अपने ऑफिस से निकली और इटारसी बस स्टैंड पर सघन वाहन जांच अभियान चलाकर जांच के दौरान दो बसों पर 2 लाख रुपए से अधिक कर (टैक्स) बकाया पाए जाने के साथ ही बिना परमिट एवं आवश्यक दस्तावेजों के संचालन की पुष्टि होने पर कुल चार बसों को जब्त कर आरटीओ कार्यालय में खड़ा किया गया इसके पूर्व वे जब से आई है तब से ऑफिस में बैठे वाहन पंजीयन, ड्रायविंग लायसेंस, फिटनेस और ट्रक बसों और टेक्सियों को परमिट तथा एनओसी जारी कर कमीशनवाजी से बाहर नहीं आ रही थी और अपना मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा और परिवहन नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराने को भूल चुकी थी जिसे जिले और संभाग के आला अधिकारीयों के स्मरण कराये जाने के बाद वे ऑफिस से निकली |
देखा जाए तो जिले में जब से श्रीमती रिंकू शर्मा परिवहन अधिकारी का काम करने आई है तभी से इनकी टीम शहर की सड़कों से छोटे छोटे आटों आदि वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र, प्रदुषण प्रमाणपत्र जांच के नाम पर सबकी नाकों में दम किये हुए है और 10 से 20 हजार रुपये वसूल रहे है जो नही देता उसपर मनमाना जुर्माना वसूलने का काम कर रहे है| ऑफिस पूरी तरह उन कर्मचारियों के हवाले है जो यहाँ नौकरी ही नहीं करते है, वे क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के चेंबर में उनके बैठने के दौरान अनेक बार प्रवेश कर हर फ़ाइल पर हस्ताक्षर के लिए लेनदेन तय होने पर ही ड्रायविंग लायसेंस से लेकर वाहनों के निरिक्षण, फिटनेस परमिट आदि जारी कराने में लगे है पर इन भ्रष्ट अधिकारी और कार्यालय पर अंकुश लगाने का कोई विकल्प नहीं है |
इस कार्यालय के जो जांच अधिकारी के रूप में हरदा, बैतूल, पिपरिया की सड़कों पर कुछ सहायकों या होमगार्ड के जबानों को लेकर कही भी कभी भी अपना डेरा डालकर सभी छोटे-बड़े वाहनों की सुरक्षा और उत्सर्जन मानकों की जांच के लिए फिटनेस सर्टिफिकेट और प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र, वाणिज्यिक वाहनों (ट्रक, बस, टैक्सी) के लिए परमिट सहित मोटर वाहन अधिनियम और यातायात नियमों के उल्लंघन का भूत बताकर ड्रायवरों से वसूलने का अवसर नही खोते वे अधिकारी कभी आफिस में आने आते है, ये अधिकारी शहर की किसी आलिशान होटल में मौज करते कमरा लेकर काम करते है और वही जांच में जब्त किये कागजात के बाद रुकने को मजबूर ड्रायवर आदि से मोटी डील करते है जिसपर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अनजान रहे या उनके पास इसका हिस्सा नहीं जाता हो, इससे इंकार नही किया जा सता है[ पर आज जो चार वाहन से 2 लाख रूपये जुरमाना किया है अगर यही हफ्ते में दो दिन होने लगे तो कोई भी स्कुल या आफिस हो वहां इस प्रकार के बकाया टेक्स या अन्य कमी के वाहनों पर रोक लग सकेगी, किन्तु वर्तमान क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ऐसा कर पाएंगी, यह उनकी कार्यक्षमता पर प्रश्न खड़ा करता है |

