ताइपे। जापान की संसद में इन दिनों महिला सांसदों को शौचालयों की कमी का सामना करना पड़ रहा है। महिला सांसदों ने इसे लेकर अपनी आवाज भी उठाई है। यह मामला उस वक्त और भी ज्यादा सुर्खियों में आ गया, जब देश की पहली प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने भी इन महिला सांसदों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक जापानी संसद के मुख्य सदन के पास अभी केवल दो शौचालय क्यूबिकल हैं, जो कि 73 महिला सांसदों के लिए अपर्याप्त हैं। इसके अलावा अगर पूरे संसद भवन की बात करें तो केवल 9 महिला शौचालय हैं, जिनमें केवल 22 क्यूबिकल है। इस मामले पर प्रदर्शन का हिस्सा डेमोक्रेटिक पार्टी की सांसद यासुको कोमियामा ने फेसबुक पर डाले अपने पोस्ट में कहा कि यह समस्या सिर्फ महिला सांसदों तक सीमित नहीं है, बल्कि संसद परिसर में काम करने वाली महिला पत्रकार और कर्मचारी भी परेशान हैं।
आपको बता दें जापान की संसद भवन की इमारत करीब 90 साल पुरानी है। इसका निर्माण 1936 में किया गया था। उस वक्त महिलाओं को मतदान का अधिकार नहीं था। इस वजह से वहां पर महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था नहीं है।
फिलहाल 2024 में हुए आम चुनाव में ऐसा पहली बार हुआ है कि 73 महिला सांसद चुनकर आई हैं।
जापानी मीडिया के मुताबिक कोमियामा ने कहा, “यदि प्रशासन सच में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए गंभीर है तो मुझे उम्मीद है कि इस मामले पर हम उनकी समझ और सहयोग की उम्मीद कर सकते हैं।” जापानी न्यूज आउटलेट आसाही शिंबुन के मुताबिक जापान की निचले सदन के अध्यक्ष ने अधिक महिला शौचालयों के प्रस्ताव पर विचार करने का वादा किया है।
गौरतलब है कि जापान में महिलाओं के अधिकारों को लेकर लड़ाई लंबी है। कार्य स्थल पर बराबरी हासिल करने के लिए महिलाओं को एक लंबे संघर्ष का सामना करना पड़ा है। जापानी सरकार ने वर्ष 2020 में समाज के सभी क्षेत्रों में 30 फीसदी नेतृत्व के पदों पर महिलाओं को नियुक्त करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अंदरूनी विरोध के चलते इसे चुपचाप एक दशक के लिए आगे बढ़ा दिया गया था।