नई दिल्ली। महाराष्ट्र नगर निगम और निकाय चुनावों को लेकर प्रदेश में सियासी पारा चरम पर है। इसी बीच शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला और उसकी निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
प्रियंका ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में निकाय चुनाव के दौरान खुलेआम धांधली हो रही है, लेकिन राज्य चुनाव आयोग जानबूझकर आंखें मूंदकर बैठा है। उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र में चुनाव चोरी हो रहा है।
राज्य चुनाव आयोग अंधा बन चुका है। ऐसी स्थिति में चुनाव आयोग को बंद कर देना चाहिए और अब उसे बीजेपी ऑफिस से ही काम करना चाहिए।”
प्रियंका ने यह भी कहा कि महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर चुनाव के दौरान खुलेआम धमकियां दे रहे हैं, लेकिन चुनाव आयोग इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। उनके अनुसार, इस वजह से आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पूरी तरह सवालों के घेरे में आ गई है।
इंदौर दूषित पानी मामले पर भी सरकार को घेरा
प्रियंका चतुर्वेदी ने मध्य प्रदेश सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को देश को शर्मसार करने वाली घटना बताया और कहा कि इस मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रियंका ने आरोप लगाया कि इससे पहले मध्य प्रदेश में कफ सिरप से हुई मौतों के मामले को दबाने की कोशिश की गई थी, और अब इंदौर की घटना में भी सरकार जवाबदेही से बच रही है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने मध्य प्रदेश सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को देश को शर्मसार करने वाली घटना बताया और कहा कि इस मामले में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रियंका ने आरोप लगाया कि इससे पहले मध्य प्रदेश में कफ सिरप से हुई मौतों के मामले को दबाने की कोशिश की गई थी, और अब इंदौर की घटना में भी सरकार जवाबदेही से बच रही है।
प्रियंका के इन बयानों के बाद महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। उनके आरोप-प्रत्यारोप ने चुनाव आयोग और राज्य सरकारों की निष्पक्षता पर बहस को तेज कर दिया है।
