पहले मेट्रो का संचालन सुबह 9 बजे से शुरू होता था लेकिन अब एम्स स्टेशन से मेट्रो दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। वहीं शाम का आखिरी ट्रिप अब साढ़े सात बजे होगा जबकि पहले यह समय देर रात तक था। इस बदलाव का मुख्य कारण यह है कि मेट्रो को अपेक्षित संख्या में यात्री नहीं मिल रहे हैं। शुरुआत के दिनों में भी मेट्रो की सवारी में गिरावट देखी गई है और अब यह स्थिति इस हद तक पहुँच चुकी है कि मेट्रो को दिन में कम ट्रिप्स करने पड़ रहे हैं।
भोपाल मेट्रो का उद्घाटन 20 दिसंबर को हुआ था जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहरलाल ने इसका उद्घाटन किया। इसके बाद 21 दिसंबर से मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हुआ था। उद्घाटन के पहले दिन लोगों में मेट्रो को लेकर काफी उत्साह था और 6568 पैसेंजर ने मेट्रो में सफर किया था। हालांकि इसके बाद यात्रियों की संख्या में गिरावट आई और मेट्रो के संचालन के लिए आवश्यक पैसेंजर संख्या नहीं जुटाई जा सकी।
भोपाल मेट्रो के लिए यह स्थिति चुनौतीपूर्ण है क्योंकि मेट्रो का संचालन काफी महंगा होता है और इसकी लागत को कवर करने के लिए पैसेंजर की संख्या जरूरी है। अब मेट्रो को यात्रा की स्थिति में सुधार लाने के लिए विभिन्न उपायों पर विचार करना होगा।
