ढाका। बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से ही हिंदू अल्पसंख्यक कट्टरपंथियों के निशाने पर हैं। हाल ही में दीपू चंद्र दास की नृशंस हत्या ने सारे हिंदू समुदाय और इंसानियत में विश्वास रखने वाले लोगों को हिलाकर रख दिया।
पुलिस के पास दर्ज करवाई गई शिकायत में महिला ने बताया कि उसने शाहीन उसके भाई से दो कट्ठे जमीन और एक दो मंजिला मकान खरीदा था। इसके लिए उसने उन्हें 20 लाख टका अदा किए थे। इसके कुछ दिन बाद ही शाहीन और उसका भाई और पैसे मांगने लगे। जब इस अवैध वसूली के खिलाफ महिला ने आवाज उठाई तो वे उसे धमकी देने लगे।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शनिवार की शाम को शाहीन और उसका साथी हसन अचानक महिला के घर में घुस गए और उसके साथ रेप किया। इसके बाद वे विधवा महिला से 50 हजार टका यानी करीब 37 हजार रुपये की मांग करने लगे।
पेड़ से बांधकर काट डाले बाल
शिकायत के मुताबिक महिला ने जब चीखने चिल्लाने की कोशिश की तो उसे पेड़ से बांध दिया गया। आरोपियों ने इसका भी वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपी उसे तब तक पीटते रहे जबतक की वह बेहोश नहीं हो गई। बाद में स्थानीय लोगों ने उसे छुड़ाया और पास के अस्पताल में भर्ती करवाया।
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि पहले तो महिला ने रेप की बात नहीं बताई हालांकि मेडिकल एग्जामिनेश में यौन उत्पीड़न की बात सामने आई।
महिला के साथ दरिंदगी की घठना वाले दिन ही शरीयतपुर जिले में एक हिंदू शख्स को भीड़ने बुरी तरह पीटा। इसके बाद उसे आग लगा दी गई। जान बचाने के लिए वह तालाब में कूद गया लेकिन बुरी तरह घायल होने की वजह से उसकी मौत हो गई। वहीं एक अन्य घटना में 24 दिसंबर को अमृत मंडल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास की लिंचिंग के बाद उनके शव को पेड़ से लटकाकर आग लगा दी गई थी।
