हालांकि प्रमुख सूचकांकों में कमजोरी रही लेकिन बाजार के व्यापक हिस्से में सकारात्मक रुझान देखने को मिला। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 276.15 अंक या 0.45 प्रतिशत की मजबूती के साथ 61424.70 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 70.65 अंक या 0.40 प्रतिशत की तेजी के साथ 17958.50 पर बंद हुआ। इससे साफ है कि निवेशक चुनिंदा शेयरों में अवसर तलाशते नजर आए।सेक्टोरल आधार पर आईटी शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.87 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। इसके अलावा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.69 प्रतिशत निफ्टी फार्मा 0.69 प्रतिशत निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.65 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया 0.07 प्रतिशत में भी मजबूती देखने को मिली।
वहीं दूसरी ओर ऑटो और वित्तीय शेयरों में मुनाफावसूली के चलते गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो 0.80 प्रतिशत निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.66 प्रतिशत निफ्टी इन्फ्रा 0.50 प्रतिशत निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.33 प्रतिशत और निफ्टी कमोडिटीज 0.31 प्रतिशत कमजोर होकर बंद हुए।सेंसेक्स के गेनर्स की सूची में टाइटन एचसीएल टेक टेक महिंद्रा इन्फोसिस सन फार्मा टीसीएस आईसीआईसीआई बैंक एलएंडटी बीईएल और ट्रेंट शामिल रहे। वहीं मारुति सुजुकी पावर ग्रिड एचडीएफसी बैंक एशियन पेंट्स टाटा स्टील एचयूएल एसबीआई भारती एयरटेल एमएंडएम बजाज फाइनेंस इंडिगो और बजाज फिनसर्व प्रमुख लूजर्स रहे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के रिसर्च हेड विनोद नायर ने कहा कि 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजों और अमेरिका के अहम रोजगार आंकड़ों से पहले निवेशक जोखिम से बचने की रणनीति अपना रहे हैं। वैश्विक व्यापार अनिश्चितता और चीन द्वारा दुर्लभ धातुओं के निर्यात पर प्रतिबंध जैसे कारकों से बाजार सीमित दायरे में बना रह सकता है। हालांकि आईटी फार्मा और मिडकैप शेयरों में चुनिंदा खरीदारी से बाजार को कुछ राहत मिली है।
