कारोबार के अंत में सेंसेक्स 376 अंक की गिरावट के साथ 85,063 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 75 अंक टूटकर 26,175 पर आ गया। केवल बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में भी बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों का मनोबल और प्रभावित हुआ। व्यापक बाजार में गिरावट से साफ संकेत मिला कि फिलहाल निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं।बाजार पर सबसे ज्यादा दबाव हैवीवेट शेयरों में बिकवाली के कारण देखने को मिला। बैंकिंग और एनर्जी सेक्टर के दिग्गज शेयरों में कमजोरी रही। एचडीएफसी बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा मोटर्स जैसे प्रमुख शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि हाल के दिनों में आई तेज़ी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी, जिससे बड़े शेयरों पर दबाव बढ़ा।
वैश्विक मोर्चे पर भी कुछ ऐसे संकेत मिले, जिन्होंने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। अमेरिका की ओर से भारत पर संभावित टैरिफ बढ़ाने को लेकर चल रही चर्चाओं ने बाजार में अनिश्चितता का माहौल पैदा किया। इसका असर खासतौर पर निर्यात आधारित कंपनियों और सेक्टर्स पर देखने को मिला। निवेशकों को आशंका है कि अगर व्यापारिक तनाव बढ़ता है, तो इसका असर कंपनियों की आय और आर्थिक वृद्धि पर पड़ सकता है।इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई की लगातार बिकवाली ने भी बाजार की चाल को प्रभावित किया। जनवरी के शुरुआती कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों ने हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए हैं। इससे बाजार में तरलता पर दबाव बढ़ा है और घरेलू निवेशक भी सतर्क रुख अपनाते नजर आ रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों का असर भी घरेलू शेयर बाजार पर पड़ा। कुछ देशों में राजनीतिक अस्थिरता और वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर झुकने के लिए मजबूर किया है। इसका नतीजा यह रहा कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ गया।इस बीच इंडिया VIX, जिसे बाजार की अस्थिरता का पैमाना माना जाता है, में भी लगातार तेजी देखी गई। यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी को 26,100 से 26,150 के दायरे में मजबूत सपोर्ट मिल सकता है, जबकि ऊपर की ओर 26,400 के आसपास कड़ी रुकावट है। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रहें और किसी भी फैसले में लंबी अवधि के नजरिए को प्राथमिकता दें।
