चारों बेटों के बीच पारिवारिक विवाद के कारण, उन्होंने तय किया था कि प्रत्येक बेटा एक-एक माह के लिए मां को रखेगा। लेकिन अब महिला का आरोप है कि पहले बेटे के एक माह पूरे होने के बाद दूसरा बेटा भी उन्हें रखने को तैयार नहीं है।
इस गंभीर मामले को पुलिस पंचायत ने तुरंत संज्ञान में लिया और आदेश दिया कि एक बेटा अपनी मां को स्थाई रूप से रखेगा, जबकि बाकी तीन बेटे उन्हें हर माह एक-एक हजार रुपये खर्च के लिए देंगे। इस फैसले से महिला को कुछ राहत मिली है।
पुलिस पंचायत में इस प्रकार के मामलों की सुनवाई नियमित रूप से होती है, और बुधवार को भी इस जैसे चार से पांच मामले सुने गए। एक अन्य मामले में दो सीनियर सिटीजन मित्रों के बीच भूमि किराए पर लेकर खेती करने को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था, जिसका समाधान भी पंचायत ने किया।
