रिलीज से पहले हाइप अपने चरम पर था। थलपति विजय की ‘जना नयांगन’ के स्थगित होने से ‘द राजा साहब’ को 9,000 से अधिक शोज़ के साथ सिंगल रिलीज़ का फायदा मिला। Sacnilk के मुताबिक एडवांस बुकिंग से भारत में ही 5.66 करोड़ रुपये जुटे। ‘सालार’ और ‘कल्कि 2898 AD’ के बाद प्रभास को एक अलग अवतार में देखने की उत्सुकता फैंस में साफ झलक रही थी। निर्देशक मारुति ने इस बार उन्हें एक भूतिया हवेली में फंसे राजा के रूप में पेश किया, जहां डर के बीच हंसी की गुंजाइश भी है।
पहले शो के बाद ट्विटर पर आग
जैसे ही पहला शो खत्म हुआ, #TheRajaSaab और #Prabhas ट्रेंड करने लगे। प्रतिक्रियाएं तीखी थीं। एक यूज़र ने लिखा, “पहला हाफ ढीला है, कहानी खिंची हुई लगती है। लॉजिक की कमी खलती है, अब दूसरा हाफ ही फैसला करेगा।” वहीं VFX पर सवाल उठाते हुए किसी ने कहा, “सेट भव्य हैं, पर डरावने सीन असर नहीं छोड़ते। बैकग्राउंड म्यूजिक जरूरत से ज्यादा तेज है।”
आलोचनाओं के बीच प्रशंसा की आवाजें भी कम नहीं थीं। एक फैन अकाउंट ने जोश में लिखा, “आखिरी 40 मिनट फायर हैं! अस्पताल वाला सीन और क्लाइमेक्स, पूरा पैसा वसूल।” किसी ने प्रभास की एनर्जी और स्क्रीन प्रेजेंस को फिल्म की जान बताया। यही वजह है कि शुरुआती बहस का फोकस एक सवाल पर टिक गया! क्या कमजोर पहला हाफ मजबूत क्लाइमेक्स की भरपाई कर पाएगा?
कहानी, कास्ट और कॉकटेल
‘द राजा साहब’ की कहानी एक पुरानी हवेली के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां राजा (प्रभास) का सामना अजीब तरह की भूतिया घटनाओं से होता है। हॉरर के बीच कॉमेडी ट्रैक्स दर्शकों को हंसाने का दावा करते हैं। मालविका मोहनन का तेलुगु डेब्यू चर्चा में है। प्रभास के साथ उनकी केमिस्ट्री को सराहा गया है। संजय दत्त का खलनायक अवतार और बोमन ईरानी, निधि अग्रवाल, रिद्धि कुमार व जरीना वहाब की मौजूदगी कहानी को सहारा देती है। राकुल प्रीत सिंह का आइटम सॉन्ग पहले से ही चार्ट में जगह बना चुका है।
प्रोडक्शन वैल्यूज पर उंगली उठाना मुश्किल है। Ramoji Film City में शूट हुए ग्रैंड सेट्स, बड़े एक्शन सीक्वेंस और स्केल इस सब को लेकर कह सकते हैं कि सब कुछ फिल्म को ‘इवेंट’ बनाता है। मारुति ने पहले ही कहा था कि यह प्रभास के लिए एक लाइट-हार्टेड ब्रेक है ‘बाहुबली’ सरीखे भारी एक्शन के बाद।
बॉक्स ऑफिस की नब्ज
पहले दिन भारत में 25–30 करोड़ रुपये की कमाई का अनुमान है, जिसमें तेलुगु बेल्ट का योगदान सबसे बड़ा है। हिंदी वर्ज़न ने भी पांच करोड़ से अधिक जुटाकर सरप्राइज दिया। ओवरसीज़ में अमेरिका-यूके से 10 करोड़ के आसपास की ओपनिंग के साथ वर्ल्डवाइड कलेक्शन 40 करोड़ के पार बताया जा रहा है। सवाल यही है कि मिली-जुली प्रतिक्रियाओं के बीच वर्ड ऑफ माउथ किस तरफ झुकेगा?
इस वक्त देखने में आ रहा है कि देश भर में अधिकांश महानगरों में मल्टीप्लेक्स में हाउसफुल बोर्ड लग जा रहे हैं। स्थानीय थिएटर मालिकों का कहना है कि युवाओं में प्रभास का क्रेज़ जबरदस्त है और वीकेंड पर भीड़ और बढ़ेगी। राज्य की फिल्म प्रमोशन पॉलिसी के चलते साउथ फिल्मों की पहुंच भी मजबूत हो रही है। प्रभास को लेकर फिलहाल यही है कि ‘द राजा साहब’ उनका पहला हॉरर-कॉमेडी प्रयोग है, फ्रेश भी, रिस्की भी। OTT राइट्स पहले ही बिक चुके हैं, लेकिन असली इम्तिहान सिनेमाघरों में है। क्या यह फिल्म 500 करोड़ क्लब की ओर बढ़ेगी या बहसों में उलझकर रफ्तार खो देगी? पहले दिन की ओपनिंग ने उम्मीद जगा दी है, अब फैसला दर्शक करेंगे।
