लेकिन नादिन डि क्लार्क ने शानदार खेल दिखाया और टीम को अंतिम ओवर तक बनाए रखा। उनका आत्मविश्वास और पारी ने रोमांचक मोड़ ला दिया।
18 रन, आखिरी ओवर और मुंबई की चूक
मैच के निर्णायक अंतिम ओवर में आरसीबी को जीत के लिए 18 रन चाहिए थे। मुंबई इंडियंस ने यह ओवर नेट सेवियर ब्रंट को सौंपा। शुरुआती दो गेंदों में ब्रंट ने अच्छी नियंत्रण वाली गेंदें फेंकी, जिससे मुंबई की जीत लगभग तय लग रही थी। लेकिन इसके बाद उनकी लाइन और लेंथ लड़खड़ा गई, और नादिन ने लगातार चौके और छक्के जड़कर अपनी टीम को जीत दिला दी।
हरमनप्रीत कौर ने स्वीकार की गेंदबाजी में चूक
हार के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा कि टीम को नादिन डि क्लार्क की क्षमताओं का पहले से अंदाजा था, लेकिन अंतिम ओवर में गेंदबाजी सटीक नहीं रही। उन्होंने माना कि मुंबई ने नादिन को दो-तीन अवसर दिए, जिन्हें उन्होंने पूरी तरह भुनाया। हरमनप्रीत ने कहा, “सिर्फ एक सही गेंद डाली जाती तो नतीजा मुंबई के पक्ष में हो सकता था।”
टीम की सीख और आगे की तैयारी
हरमनप्रीत कौर ने यह भी कहा कि WPL में ऐसे करीबी मुकाबले आम हैं और टीम इस हार से सीख लेकर अगले मैचों में बेहतर प्रदर्शन करेगी। उन्होंने खिलाड़ियों को मानसिक रूप से मजबूत रहने और दबाव में सही निर्णय लेने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस रोमांचक शुरुआत से यह साफ हो गया है कि WPL 2026 में हर मैच दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक और निर्णायक साबित होगा। मुंबई इंडियंस अब अपनी अगली चुनौती के लिए तैयारी में जुट जाएगी, जबकि आरसीबी ने जीत के साथ आत्मविश्वास बढ़ाया।
