तेहरान। ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई ने शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला। उन्होंने ट्रंप पर दुनिया को अहंकार के साथ परखने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि इतिहास में ऐसे घमंडी और अत्याचारी शासक अपने सत्ता-शिखर पर ही पतन का शिकार हुए हैं। एक्स पर जारी पोस्ट में खामेनेई ने कहा कि इतिहास गवाह है- फिरौन, निमरोद और ईरान के पूर्व शाह मोहम्मद रजा पहलवी जैसे शासकों का अंत तब हुआ, जब वे अपने घमंड की चरम अवस्था में थे।
खामेनेई ने लिखा- ‘अमेरिकी राष्ट्रपति जो पूरी दुनिया के बारे में घमंड से फैसले करते हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि दुनिया के तानाशाहों और घमंडी शासकों का पतन तब हुआ जब वे अपने घमंड के चरम पर थे।
फिरौन, निमरोद कौन थे?
फिरौन मिस्र के प्राचीन बादशाहों की एक उपाधि थी, जैसे आज राजा या सम्राट कहते हैं। लेकिन कुरान और बाइबल में जब फिरौन का जिक्र आता है, तो ज्यादातर मामलों में वह हजरत मूसा के समय का मिस्र का वह क्रूर बादशाह होता है। वह खुद को खुदा/भगवान घोषित करता था। बनी इसराइल (यहूदियों) पर बहुत ज़ुल्म करता था। उनके नवजात बेटों को मार डालने का हुक्म देता था। आखिर में लाल सागर में डूबकर मर गया।
निमरोद बाबुल/इराक (मेसोपोटामिया) का एक बहुत शक्तिशाली और अत्याचारी बादशाह था। वह हजरत इब्राहीम के समय का शासक माना जाता है। उसने भी खुद को खुदा घोषित किया था। हालांकि कुरान में उसका नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिया गया, लेकिन सूरह अल-बकरह में वर्णित वह बादशाह जिसने इब्राहीम से खुदाई के बारे में बहस की थी, उसे इसी निमरोद से तस्सूर किया जाता है। इस्लामी रिवायतों में कहा जाता है कि उसकी मौत एक छोटे से मच्छर के काटने से हुई, जो उसके दिमाग में घुस गया था (अत्यंत छोटी चीज से बहुत बड़े अहंकारी का अंत)।
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रजा पहलवी फिर सुर्खियों में
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी एक बार फिर चर्चा में हैं। वे ईरान के आखिरी शाह- मोहम्मद रजा पहलवी के पुत्र हैं। हालांकि वह जमीनी स्तर पर प्रदर्शनों का नेतृत्व नहीं कर रहे, फिर भी इस्लामी गणराज्य के मुखर आलोचक के तौर पर उन्होंने प्रदर्शनकारियों के समर्थन में लगातार बयान दिए हैं।
हालिया उथल-पुथल के दौरान रजा पहलवी ने ईरानियों से शांतिपूर्ण प्रतिरोध जारी रखने की अपील की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा कि वह शासक धार्मिक प्रतिष्ठान के बजाय ईरानी जनता का साथ दे।
एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में रजा पहलवी ने कहा कि वह गुरुवार रात को सड़कों पर उतरे हर व्यक्ति पर गर्व महसूस करते हैं। उन्होंने लोगों से शुक्रवार रात फिर से बड़ी संख्या में बाहर निकलने का आह्वान किया और कहा कि भीड़ जितनी बड़ी होगी, दमनकारी ताकतें उतनी ही कमजोर पड़ेंगी। इंटरनेट पाबंदियों के बावजूद सड़कों पर डटे रहने का उन्होंने भरोसा जताया और कहा जीत आपकी होगी।
कड़ा दमन, बढ़ता तनाव
दूसरी ओर, ईरान ने संकेत दिए हैं कि सुरक्षा बल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे- यह ट्रंप की उस सार्वजनिक प्रतिबद्धता के उलट है, जिसमें उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के समर्थन की बात कही थी। एपी के अनुसार, हिंसा में मरने वालों की संख्या बढ़कर कम से कम 62 हो गई है।
