ग्वालियर । साइबर क्राइम के प्रति पुलिस और सरकार की ओर से चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों के बावजूद डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला ग्वालियर का सामने आया है, जहां रिटायर्ड रजिस्ट्रार अधिकारी से एक करोड़ 12 लाख रुपए की ठगी हो गई। ठगों ने उन्हें डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर चार अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवा लिए।
दरअसल, रिटायर्ड अधिकारी बिहारी लाल गुप्ता 75 को साइबर अपराधियों ने पुलिस अधिकारी बनकर फंसाया। ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग के केस में अरेस्ट करने का डर दिखाते हुए उन्हें झांसे में लिया और डिजिटल अरेस्ट का हवाला देकर एक करोड़ 12 लाख रुपये की ठगी कर डाली। ठगी का एहसास तब हुआ जब गुप्ता साहब ने हाल ही में साइबर जागरूकता से संबंधित एक वीडियो देखा। वीडियो में ठगी के तरीके और सावधानियां बताई गई थीं, जिससे उन्हें अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।
16 नवंबर 2025 को ठगों का पहला कॉल आया था, जबकि गुप्ता साहब ने 3 जनवरी 2026 तक ठगों के साथ आखिरी ट्रांजैक्शन किया।जब गुप्ता साहब को ठगी का एहसास हुआ, तो उन्होंने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई। साइबर क्राइम पुलिस ने इस मामले में अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी का एक और उदाहरण है, जो साइबर अपराधियों के बढ़ते मंसूबों को दर्शाता है।
