मैच के बाद कप्तान शुभमन गिल ने भी संकेत दिए थे कि सुंदर पूरी तरह फिट नहीं थे। गिल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वॉशिंगटन ने दर्द के बावजूद 5 ओवर गेंदबाजी की लेकिन इसके बाद उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा। 26 वर्षीय सुंदर ने न्यूजीलैंड की पारी के दौरान 5 ओवर में 27 रन दिए और गेंदबाजी करते समय पसलियों में खिंचाव महसूस होने के कारण दोबारा फील्डिंग के लिए मैदान पर नहीं लौट सके।इसके बावजूद सुंदर ने भारतीय टीम की रन चेज में बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उन्होंने नंबर-8 पर केएल राहुल के साथ मिलकर अहम साझेदारी निभाई। दोनों ने मिलकर 16 गेंदों में 27 रन जोड़े जिससे टीम की जीत आसान हुई। सुंदर ने नाबाद 7 रन बनाए जबकि राहुल 29 रन पर नाबाद लौटे। भारत ने 49 ओवर में 6 विकेट खोकर 306 रन बनाते हुए मुकाबला चार विकेट से अपने नाम किया।
केएल राहुल ने मैच के बाद बताया कि उन्हें सुंदर की चोट की गंभीरता का अंदाजा नहीं था। राहुल के अनुसार मुझे बस इतना पता था कि पहली पारी में उन्हें थोड़ी परेशानी हुई थी। बल्लेबाजी के दौरान वह गेंद को अच्छे से टाइम कर रहे थे इसलिए चोट इतनी गंभीर नहीं लगी। रन रेट पहले से अच्छा था जिससे सुंदर पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ा।वॉशिंगटन सुंदर इस सीरीज में चोटिल होने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी हैं। इससे पहले विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत प्रैक्टिस सत्र के दौरान पसली में चोट के कारण पूरी सीरीज से बाहर हो चुके हैं। उनकी जगह ध्रुव जुरेल को टीम में शामिल किया गया था। वहीं सीरीज शुरू होने से पहले ही तिलक वर्मा भी चोट के चलते बाहर हो गए थे।
लगातार चोटों के चलते टीम इंडिया के संयोजन पर असर पड़ सकता है। चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के सामने अब यह चुनौती है कि वे आगे के मैचों के लिए सही विकल्प चुनें और टीम की बैलेंसिंग को बनाए रखें।वॉशिंगटन सुंदर के बाहर होने से टीम की गेंदबाजी और मध्यक्रम में विकल्प सीमित हो जाएंगे। इससे भारतीय टीम को अगले मैचों में रणनीति और प्लेइंग इलेवन तय करने में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ेगी।
