बीती रात मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पीतमपुरा स्थित अटल कैंटीन पहुंचीं। उन्होंने वहां काम कर रहे कर्मचारियों से हाल-चाल पूछा और सुनिश्चित किया कि व्यवस्थाएं सुचारु रूप से चल रही हैं। सीएम ने उपस्थित लोगों से पूछा आपको कोई दिक्कत तो नहीं है? सब ठीक है न?। इसके साथ ही उन्होंने कैंटीन में मौजूद बच्चों से भी बातचीत की जिन्होंने बताया कि उन्हें यहां अच्छा और पौष्टिक खाना मिलता है।इस दौरान कैंटीन में खड़े लोगों ने मुख्यमंत्री को देखकर रेखा गुप्ता जिंदाबाद के नारे लगाए जिससे माहौल और उत्साहपूर्ण बन गया। सीएम ने वहां भोजन कर रहे लोगों से उनके अनुभव साझा किए और यह सुनिश्चित किया कि सभी सुविधाएं सही ढंग से उपलब्ध हों।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस दौरे का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा किया। वीडियो में वह लोगों से संवाद करती बच्चों के साथ समय बिताती और उनके अनुभव जानती नजर आ रही हैं। उन्होंने लिखा कि अटल कैंटीन में केवल भोजन ही नहीं मिलता बल्कि लोगों को सुकून सम्मान और स्वाभिमान का भी भरोसा मिलता है।पीतमपुरा अटल कैंटीन का निरीक्षण करते हुए सीएम ने व्यवस्थाओं की समीक्षा की और वहां आए लोगों से उनके अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की यह योजना मेहनतकश और जरूरतमंद लोगों के लिए प्रभावी और भरोसेमंद सहारा बन रही है। दिन और रात दोनों समय भोजन उपलब्ध कराने से किसी भी व्यक्ति को खाली पेट नहीं रहना पड़ता।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि केवल ₹5 में सम्मान के साथ भोजन मिलने से यह सुनिश्चित होता है कि सहायता केवल सुविधा तक सीमित न रहे बल्कि गरिमा के साथ मिले। लोगों की संतुष्टि और विश्वास देखकर यह स्पष्ट हो गया है कि अटल कैंटीन योजना जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव ला रही है।अटल कैंटीन की यह पहल गरीब और जरूरतमंदों के लिए भरोसेमंद विकल्प बन चुकी है। यह योजना न केवल पेट भरने की सुविधा देती है बल्कि सम्मान और स्वाभिमान के साथ भोजन उपलब्ध कराने में भी सक्षम है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का यह दौरा योजना की प्रभावशीलता और जनता में विश्वास को और मजबूत करता है।
