दोपहिया और तिपहिया वाहनों की मजबूत बिक्री
सियाम के आंकड़ों के मुताबिक, दोपहिया वाहनों की थोक बिक्री सालाना आधार पर 39 प्रतिशत बढ़कर 15,41,036 यूनिट्स हुई, जबकि दिसंबर 2024 में यह आंकड़ा 11,05,565 यूनिट्स था। तिपहिया वाहनों की बिक्री भी 17 प्रतिशत बढ़कर 61,924 यूनिट्स दर्ज की गई, जो पिछले साल 52,733 यूनिट्स थी। इन आंकड़ों से साफ है कि छोटे और कम लागत वाले वाहन भी ग्राहकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं।
तीसरी तिमाही में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा
वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में पैसेंजर वाहनों की थोक बिक्री 12.76 लाख यूनिट्स रही। यह तिमाही की बिक्री का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है और पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 20.6 प्रतिशत की बढ़त को दर्शाता है।
2025 में वार्षिक बिक्री का नया रिकॉर्ड
पूरा साल 2025 (जनवरी-दिसंबर) देखा जाए तो पैसेंजर वाहनों की कुल थोक बिक्री 44.90 लाख यूनिट्स रही। यह वार्षिक बिक्री का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है और सालाना आधार पर 5 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
निर्यात में भी वृद्धि
साल 2025 में देश से 8.63 लाख पैसेंजर वाहनों का निर्यात हुआ। यह निर्यात का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है और पिछले साल की तुलना में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
मजबूत बिक्री के पीछे कारक
सियाम का मानना है कि इस मजबूत वृद्धि के पीछे कई कारक हैं। आयकर में कटौती, जीएसटी 2.0 की सुविधा और आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कमी ने ग्राहकों की खरीद क्षमता और धारणा पर सकारात्मक असर डाला। इन उपायों के चलते उपभोक्ता वाहन खरीदने के लिए ज्यादा प्रेरित हुए।
सियाम के आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि भारत में ऑटोमोबाइल सेक्टर लगातार बढ़त पर है। दिसंबर और पूरे 2025 के आंकड़े बताते हैं कि पैसेंजर, दोपहिया और तिपहिया वाहनों की मांग में मजबूत रिकवरी हुई है। भविष्य में भी यह रुझान उद्योग के लिए उत्साहजनक संकेत देता है।
