फिल्म न देखने की वजह ‘भावुकता’
हेमा मालिनी ने कहा “जब यह फिल्म रिलीज हुई तब मैं मथुरा में अपने काम में व्यस्त थी। सच कहूं तो मैंने अभी तक ‘इक्कीस’ नहीं देखी है क्योंकि यह मेरे लिए बहुत भावुक कर देने वाला पल होगा। मेरी बेटी भी मुझसे यही कह रही थी। शायद मैं इसे तब देखूंगी जब मेरे घाव थोड़े भरने लगेंगे। मा मालिनी के लिए यह फिल्म एक भावनात्मक और दर्दनाक अनुभव हो सकती है क्योंकि इसमें उनके पति ने अपनी अंतिम फिल्म में प्रदर्शन किया है। वह शायद इस पल को महसूस करने के लिए और भी मानसिक रूप से तैयार होना चाहती हैं।
‘इक्कीस’ की स्क्रीनिंग में नम थीं सबकी आंखें
1 जनवरी 2026 को रिलीज हुई इस फिल्म की मुंबई में विशेष स्क्रीनिंग रखी गई थी जहां सनी देओल और सलमान खान समेत बॉलीवुड के तमाम सितारे ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे। ट्रेलर लॉन्च के दौरान भी सनी देओल भावुक हो गए थे और अपने पिता को याद करते हुए रो पड़े थे। धर्मेंद्र की यह फिल्म उनके करियर का एक ऐतिहासिक और यादगार विदाई मानी जा रही है।
धर्मेंद्र और अगस्त्य नंदा का यादगार साथ
फिल्म ‘इक्कीस’ को श्रीराम राघवन ने निर्देशित किया है और यह फिल्म 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:मुख्य भूमिका: अमिताभ बच्चन के नाती अगस्त्य नंदा ने शहीद अरुण खेत्रपाल का किरदार निभाया है।धर्मेंद्र का रोल: फिल्म में धर्मेंद्र एक बेहद अहम और प्रभावशाली भूमिका में नजर आए हैं जो दर्शकों के दिल को छू लेती है। कहानी: यह 21 साल के सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की वीरता की गाथा है जिन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया था।सह-कलाकार: फिल्म में जयदीप अहलावत और सिमर भाटिया ने भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं।
एक युग का अंत
धर्मेंद्र केवल एक अभिनेता नहीं बल्कि भारतीय सिनेमा के एक युग का नाम थे। उनकी अंतिम फिल्म ‘इक्कीस’ न केवल एक युद्ध की कहानी है बल्कि धर्मेंद्र जैसे महान कलाकार को सिनेमाई जगत की तरफ से एक भावपूर्ण श्रद्धांजलि भी है। फैंस सोशल मीडिया पर लगातार लिख रहे हैं कि बड़े पर्दे पर उन्हें आखिरी बार देखना एक ऐतिहासिक और हृदयविदारक अनुभव है। हेमा मालिनी के लिए यह फिल्म सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि अपने जीवन के एक महत्वपूर्ण हिस्से को देखना है और शायद इसलिए वह इसे देखने के लिए अब तक तैयार नहीं हो पाई हैं।
