बुधवार को गणपति जी की पूजा करने से बुद्धि. विवेक. व्यापार में सफलता और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार. इस दिन गणेश जी की आराधना करने से बुध ग्रह से संबंधित दोष भी शांत होते हैं। श्रद्धालु आज के दिन भगवान गणेश को दूर्वा घास. मोदक और शमी के पत्ते अर्पित करते हैं। साथ ही “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस मंत्र के नियमित जाप से कार्यों में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
पंचांग के अनुसार. आज के दिन कुछ विशेष शुभ मुहूर्त भी हैं. जिनमें पूजा-पाठ. जप-तप और महत्वपूर्ण कार्य किए जा सकते हैं। आज अमृत काल दोपहर 03:22 बजे से शाम 05:10 बजे तक रहेगा. जो किसी भी शुभ कार्य के लिए उत्तम माना जाता है। वहीं ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05:38 बजे से 06:25 बजे तक रहेगा। यह समय ध्यान. साधना और ईश्वर आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।
हालांकि. दिन में कुछ अशुभ काल भी हैं. जिनमें शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है। आज राहुकाल दोपहर 12:35 बजे से 01:56 बजे तक रहेगा। इसके अलावा यम गण्ड सुबह 08:34 बजे से 09:55 बजे तक. कुलिक काल 11:15 बजे से 12:35 बजे तक और दुर्मुहूर्त 12:14 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा। इन समयों में नए कार्य की शुरुआत. यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना शुभ माना जाता है।
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति की बात करें तो आज सूर्य का उदय सुबह 07:14 बजे और सूर्यास्त शाम 05:57 बजे होगा। वहीं चंद्रमा का उदय तड़के 03:22 बजे और चंद्रास्त दोपहर 02:08 बजे होगा। चंद्रमा की यह स्थिति व्रत और मानसिक शांति के लिए अनुकूल मानी जा रही है। कुल मिलाकर. माघ कृष्ण एकादशी और बुधवार का यह संयोग भक्तों के लिए अत्यंत शुभ है। विधि-विधान से गणेश जी की पूजा. एकादशी व्रत और शुभ मुहूर्त में किए गए कार्य जीवन में सुख. समृद्धि और सफलता का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।
