नई दिल्ली। हर साल 15 जनवरी को भारत में आर्मी डे मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन, सेवा और बलिदान को समर्पित होता है। इस अवसर पर देश अपने वीर जवानों को याद करता है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक की आहुति दे दी। भारतीय सेना की इसी वीरता और गौरव को बॉलीवुड ने समय-समय पर फिल्मों के ज़रिए बड़े पर्दे पर जीवंत किया है। ये फिल्में न सिर्फ इतिहास के स्वर्णिम पन्नों को सामने लाती हैं, बल्कि नई पीढ़ी में देशभक्ति और सम्मान की भावना भी जगाती हैं।
भारतीय सेना के शौर्य की कहानी कहने वाली प्रमुख फिल्मों में ‘सैम बहादुर’ का नाम सबसे ऊपर आता है।
यह फिल्म भारत के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के जीवन और सैन्य सफर पर आधारित है। विक्की कौशल ने सैम मानेकशॉ की भूमिका को बेहद प्रभावशाली ढंग से निभाया है, जबकि सान्या मल्होत्रा और फातिमा सना शेख भी अहम भूमिकाओं में नजर आती हैं। मेघना गुलजार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे सैम मानेकशॉ ने चार दशकों तक भारतीय सेना की सेवा की और पांच युद्धों में भाग लिया। 1971 के भारत-पाक युद्ध में उनकी रणनीति और नेतृत्व ने भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का गठन हुआ।
वहीं, ‘शेरशाह’ फिल्म भारतीय सेना के जांबाज़ अधिकारी कैप्टन विक्रम बत्रा की वीरगाथा को पर्दे पर उतारती है। कारगिल युद्ध में उनके असाधारण साहस और बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी अभिनीत इस फिल्म में बत्रा के सैन्य जीवन के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत संघर्ष और देश के प्रति समर्पण को भावनात्मक तरीके से दिखाया गया है। फिल्म ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया और आलोचकों से भी जमकर सराहना बटोरी।
भारतीय नौसेना की बहादुरी को दर्शाने वाली फिल्म ‘द ग़ाज़ी अटैक’ भी आर्मी डे के मौके पर खास मानी जाती है। 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तानी पनडुब्बी ग़ाज़ी के डूबने की ऐतिहासिक घटना पर आधारित इस फिल्म का निर्देशन संकल्प रेड्डी ने किया। राणा दग्गुबाती और के.के. मेनन की दमदार अदाकारी के साथ यह फिल्म समुद्री युद्ध की रणनीति और भारतीय नौसेना के साहस को प्रभावशाली ढंग से पेश करती है।
साल 2019 में रिलीज़ हुई ‘उरी – द सर्जिकल स्ट्राइक’ आधुनिक भारतीय सैन्य इतिहास की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है। यह फिल्म 2016 के उरी आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित है। विक्की कौशल, यामी गौतम, परेश रावल और मोहित रैना की शानदार परफॉर्मेंस ने फिल्म को खास बना दिया। आदित्य धार के निर्देशन में बनी यह फिल्म भारतीय सेना की त्वरित कार्रवाई, रणनीतिक क्षमता और साहस को रोमांचक अंदाज़ में दिखाती है।
भारतीय वॉर फिल्मों की बात ‘बॉर्डर’ के बिना अधूरी है। जे.पी. दत्ता द्वारा निर्देशित यह फिल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान हुई लोंगेवाला की ऐतिहासिक लड़ाई पर आधारित है।
सनी देओल ने ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी के किरदार में जान फूंक दी, जबकि जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना और पुनीत इस्सर जैसे कलाकारों ने फिल्म को और मजबूती दी। ‘बॉर्डर’ आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित देशभक्ति फिल्मों में गिनी जाती है।
कुल मिलाकर, ये सभी फिल्में भारतीय सेना की बहादुरी, बलिदान और देशभक्ति की भावना को मजबूती से दर्शाती हैं। आर्मी डे के मौके पर इन फिल्मों को देखना न सिर्फ एक श्रद्धांजलि है, बल्कि उन जवानों के प्रति सम्मान भी है जो दिन-रात देश की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। बॉलीवुड ने इन कहानियों के ज़रिए मनोरंजन के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति की भावना को भी सशक्त किया है।