भोपाल । मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज होने जा रही है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी 17 जनवरी को मध्य प्रदेश के इंदौर दौरे पर आएंगे। इस दौरान वे दूषित पानी कांड से प्रभावित परिवारों से मुलाकात करेंगे और उनकी पीड़ा को करीब से समझेंगे। राहुल गांधी का यह दौरा न केवल पीड़ितों के प्रति संवेदना जताने का प्रयास है, बल्कि राज्य और केंद्र सरकार पर बढ़ते दबाव की राजनीति का भी संकेत देता है।राहुल गांधी के प्रस्तावित दौरे को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी को औपचारिक सूचना दे दी गई है। इसी दिन प्रदेशभर में कांग्रेस संगठन व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगा।
पार्टी ने तय किया है कि राज्य के हर ब्लॉक में सामूहिक उपवास रखा जाएगा और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी। यह कार्यक्रम पूरी तरह संगठित और प्रतीकात्मक होगा, जिसमें गांधी प्रतिमाओं के समक्ष धरना, भजन और शांतिपूर्ण विरोध शामिल रहेगा। कांग्रेस का मुख्य फोकस इंदौर के दूषित पानी कांड पर रहेगा, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना में अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई मरीज अब भी अस्पतालों के आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि स्थानीय प्रशासन और सरकार की लापरवाही के कारण यह त्रासदी हुई, लेकिन अब तक जिम्मेदारों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
राहुल गांधी अपने दौरे के दौरान पीड़ित परिवारों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याएं सुनेंगे। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह केवल एक राजनीतिक दौरा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और न्याय की लड़ाई है। पार्टी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर तक ले जाने की तैयारी में भी है। इसी कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस केंद्र सरकार पर मनरेगा योजना का नाम बदलने के फैसले को लेकर भी तीखा हमला करेगी। पार्टी का कहना है कि महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी इस योजना की पहचान बदलना गांधीवादी विचारधारा पर सीधा प्रहार है। इसी के विरोध में गांधी प्रतिमाओं के समक्ष भजन और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किए जाएंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले 11 जनवरी को मध्य प्रदेश कांग्रेस ने इंदौर में ‘न्याय यात्रा’ का आयोजन किया था। इस यात्रा में इंदौर और आसपास के क्षेत्रों से कांग्रेस के विधायक, पूर्व विधायक, प्रदेश पदाधिकारी और जिला अध्यक्ष शामिल हुए थे। यात्रा में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने इस आंदोलन को और मजबूती दी थी।कुल मिलाकर राहुल गांधी का इंदौर दौरा कांग्रेस के लिए एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक संदेश देने वाला कदम माना जा रहा है, जिसमें पीड़ितों के प्रति संवेदना, सरकार की जवाबदेही और संगठनात्मक शक्ति का प्रदर्शन एक साथ देखने को मिलेगा।