अमेरिकी महंगाई आंकड़ों का असर
अमेरिका में दिसंबर के कोर कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में महीने-दर-महीने महंगाई 0.2 प्रतिशत और साल-दर-साल 2.6 प्रतिशत रही, जो उम्मीद से कम थी। यह संकेत मिला कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक भविष्य में ब्याज दरें घटा सकता है। इसी कारण निवेशक सोने-चांदी की ओर आकर्षित हुए।
वैश्विक तनाव बढ़ा रहे खरीदारी
राहुल कलंत्री, कमोडिटी विशेषज्ञ, मेहता इक्विटीज लिमिटेड के अनुसार, ईरान में अशांति और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोना और चांदी खरीद रहे हैं। इसके अलावा अमेरिका की ब्याज दरों और महंगाई के आंकड़े भी इन धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं।
तकनीकी स्तर और निवेशकों के लिए संकेत
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने को 1,37,310–1,39,550 रुपए के स्तर पर सपोर्ट और 1,44,350–1,46,670 रुपए के बीच रेजिस्टेंस मिलता है। चांदी के लिए 2,54,170–2,69,810 रुपए सपोर्ट और 2,79,810–2,84,470 रुपए रेजिस्टेंस पर बनी हुई है।
उद्योग में मांग और सीमित आपूर्ति
चांदी की मजबूत कीमतों के पीछे सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, एआई और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उद्योगों में बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति भी एक बड़ा कारण है। विशेषज्ञों का कहना है कि शॉर्ट और मीडियम-टर्म में चांदी की खरीदारी लगातार बनी रहेगी।
आगे की संभावनाएं
डॉलर की कीमतों में उतार-चढ़ाव, अमेरिका की सर्वोच्च अदालत के टैरिफ फैसले और वैश्विक तनाव की घटनाओं के चलते इस हफ्ते सोना और चांदी की कीमतों में हल्की उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रह सकती है। निवेशक सुरक्षित निवेश और तकनीकी स्तर को ध्यान में रखते हुए ही खरीदारी करें।
