प्रधानमंत्री मोदी के ऊर्जा आत्मनिर्भरता प्रयास में योगदान
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में नया मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता भारतीय इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की मेहनत और तकनीकी क्षमता को दिखाती है। इससे न केवल भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि विदेशी निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।
देश में तेल और गैस खोज के नए कदम
भारत में तेल और गैस की खोज के लिए ‘मिशन अन्वेषण’ पहल शुरू की गई है, जो देश के इतिहास का सबसे बड़ा सर्वेक्षण कार्यक्रम है। इसके तहत 20,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में सर्वे किया जाना है, जिसमें से अब तक 8,000 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र का सर्वे पूरा हो चुका है। इसके अलावा अब 10 लाख वर्ग किलोमीटर समुद्री क्षेत्र को तेल खोज के लिए खोला गया है और 99 प्रतिशत प्रतिबंधित क्षेत्र हटा दिए गए हैं।
ओपन एकरेज लाइसेंसिंग प्रोग्राम और निवेश संभावनाएं
ओपन एकरेज लाइसेंसिंग प्रोग्राम के तहत देशी और विदेशी कंपनियों को तेल और गैस क्षेत्रों में निवेश करने का अवसर मिल रहा है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि देश में 25 नए तेल और गैस क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं, 154 क्षेत्र सक्रिय हैं, और अब तक 14 नई खोजें सफल रही हैं। आने वाला समय निवेश और भागीदारी के नए रिकॉर्ड बना सकता है।
यूबीपीएल की इस खोज ने इंडियन ऑयल और बीपीसीएल के संयुक्त प्रयासों को सार्थक किया है। भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को ध्यान में रखते हुए यह खोज रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आने वाले वर्षों में इसके सकारात्मक असर से देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी।
