शवदाह के लिए नए प्लेटफॉर्म और ऊंची चिमनी
जिलाधिकारी वाराणसी सतेंद्र कुमार ने बताया कि परियोजना के तहत शवदाह के लिए नए व्यवस्थित प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं। साथ ही, शवदाह के बाद बची राख के फैलने की समस्या को रोकने के लिए घाट पर ऊंची चिमनी का निर्माण किया जा रहा है। इससे राख का उचित निस्तारण संभव होगा और आसपास के घरों व स्थानों में फैलने से रोक लगेगी।
लकड़ी और मुंडन संस्कार की सुविधाएं
घाट पर शवदाह में प्रयुक्त लकड़ी को व्यवस्थित रखने की व्यवस्था की जा रही है, जिससे अव्यवस्था और गंदगी की समस्या कम हो सके। मुंडन संस्कार के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अब बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, जिससे उन्हें पहले जैसी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
पुराने हिस्सों का पुनर्स्थापन और सुदृढ़ीकरण
जिलाधिकारी ने बताया कि यह परियोजना पिछले एक वर्ष से चल रही है। इसके तहत घाट के कच्चे हिस्सों में नए निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जबकि पक्के हिस्सों का पुनर्स्थापन और सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसका उद्देश्य घाट की पारंपरिक पहचान बनाए रखते हुए आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाओं का विकास करना है।
सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों पर प्रशासन की सफाई
सतेंद्र कुमार ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो को लेकर स्पष्ट किया कि वे घाटों और सीढ़ियों पर बनी अलग-अलग कलाकृतियों से संबंधित हैं। कुछ वीडियो एआई के माध्यम से भ्रामक रूप से बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि घाट पर मौजूद सभी मूर्तियां और मंदिर संस्कृति विभाग के संरक्षण में सुरक्षित हैं और उन्हें पुनर्स्थापित किया जाएगा।
प्रशासन का उद्देश्य
जिलाधिकारी ने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों की पहचान की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है कि मणिकर्णिका घाट की पवित्रता, सांस्कृतिक विरासत और श्रद्धालुओं की आस्था को किसी भी स्थिति में आघात न पहुंचे।
मणिकर्णिका घाट पर यह विकास परियोजना पारंपरिक पहचान को बनाए रखते हुए आधुनिक सुविधाओं के साथ श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए घाट को अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
