निशिकांत दुबे के अनुसार, ईडी कार्यालय में मुख्यमंत्री और पुलिस-प्रशासन से जुड़े हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामलों के महत्वपूर्ण सबूत मौजूद हैं। उन्होंने आशंका जताई कि पुलिस कार्रवाई की आड़ में इन सबूतों में छेड़छाड़ की जा सकती है और ईमानदार अधिकारियों को परेशान या गिरफ्तार किया जा सकता है।
‘झारखंड को पश्चिम बंगाल नहीं बनने देंगे’
सांसद ने आरोप लगाया कि झारखंड में पहले भी ईडी के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। साथ ही, झामुमो और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा ईडी कार्यालय पर हमले की कोशिशें भी हो चुकी हैं। निशिकांत दुबे के मुताबिक, ये घटनाएं केंद्रीय जांच एजेंसियों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच में बाधा डालने की कोशिश हैं।
उन्होंने चेतावनी दी,झारखंड को पश्चिम बंगाल की तरह नहीं बनने दिया जाएगा और भ्रष्टाचार करने वालों को सजा जरूर मिलेगी।सांसद ने झारखंड में कथित अवैध प्रशासन और भ्रष्ट प्रथाओं को समाप्त करने की भी बात कही।
केंद्रीय सुरक्षा बल की मांग
निशिकांत दुबे ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और गृह मंत्रालय (MHA) से अपील की है कि रांची ईडी कार्यालय की सुरक्षा के लिए तुरंत केंद्रीय बल तैनात किए जाएं, ताकि जांच एजेंसी स्वतंत्र और बिना दबाव के अपना काम कर सके।
इस आरोप और केंद्रीय सुरक्षा की मांग के बाद झारखंड में सियासी तनाव बढ़ गया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और जांच एजेंसियों की स्वतंत्रता कैसे सुनिश्चित की जाती है।
