आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त समर्थन मिला। बोली बंद होने तक यह इश्यू कुल 146 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ। कुल पब्लिक इश्यू का आकार करीब 1071 करोड़ रुपये था लेकिन इसकी मांग हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच गई। सब्सक्रिप्शन में संस्थागत निवेशकों ने सबसे ज्यादा भरोसा दिखाया जिनके लिए आरक्षित कोटा 300 गुना से अधिक भरा गया। इसके अलावा रिटेल कैटेगरी करीब 49 गुना शेयरहोल्डर कोटा लगभग 87 गुना और कर्मचारी वर्ग करीब 5 गुना सब्सक्राइब हुआ।ग्रे मार्केट की गतिविधियां भी इस आईपीओ के लिए सकारात्मक संकेत देती हैं। BCCL के शेयर इश्यू प्राइस के मुकाबले ग्रे मार्केट में करीब 60 प्रतिशत प्रीमियम पर कारोबार करते दिखे। इसका अर्थ यह है कि 19 जनवरी को लिस्टिंग के दिन शेयर मजबूत शुरुआत कर सकते हैं।BCCL देश की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनियों में शामिल है। वित्त वर्ष 202425 में देश के कुल कोकिंग कोल उत्पादन में कंपनी का योगदान लगभग 58 प्रतिशत रहा। इसका प्रमुख संचालन झारखंड के झरिया और पश्चिम बंगाल के रानीगंज क्षेत्र में होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि BCCL आईपीओ की यह भारी सफलता PSU शेयरों पर निवेशकों के भरोसे की बहाली को दर्शाती है। इसका अर्थ है कि सरकारी कंपनियों के शेयरों में फिर से निवेशकों की रुचि बढ़ रही है। बाजार विश्लेषक यह भी मानते हैं कि लिस्टिंग के दिन शेयर में सकारात्मक माहौल देखने को मिल सकता है खासकर तब जब ग्रे मार्केट में पहले ही मजबूत प्रीमियम नजर आ रहा है।कुल मिलाकर BCCL का आईपीओ न सिर्फ निवेशकों के लिए आकर्षक साबित हुआ है बल्कि यह संकेत देता है कि PSU सेक्टर में नए अवसर और निवेश की संभावनाएं मजबूत हैं। 19 जनवरी को स्टॉक एक्सचेंज में इसकी लिस्टिंग के बाद बाजार और निवेशकों के नजरिए पर इसके असर पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।
