विशेष रूप से माघ माह के शुक्रवार को इस चालीसा का पाठ करने से देवी लक्ष्मी की कृपा अधिक मात्रा में प्राप्त होती है। धार्मिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा करने से जीवन में समस्त प्रकार की बाधाएं और समस्याएं दूर होती हैं। साथ ही वैभव लक्ष्मी व्रत का पालन करने से धन और सुख की वृद्धि होती है। पूजन का विधान सरल है। सुबह स्नान और स्वच्छ वस्त्र धारण के बाद पूजा स्थल पर दीपक, अगरबत्ती, अक्षत और फल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद भक्त मन, वचन और क्रिया से महालक्ष्मी चालीसा का पाठ करें। पाठ के दौरान पूरी श्रद्धा और भक्ति भाव बनाए रखना आवश्यक है। इस दिन विशेष रूप से 108 बार या कम से कम एक बार पाठ करने से देवी लक्ष्मी की कृपा अधिक प्राप्त होती है।
ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से न केवल वित्तीय समस्याएं कम होती हैं, बल्कि पारिवारिक संबंधों में भी प्रेम और सामंजस्य बढ़ता है। घर में सुख-शांति और मानसिक संतुलन आता है। साथ ही, जीवन में आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।संक्षेप में, शुक्रवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ है। माघ माह के शुक्रवार पर महालक्ष्मी चालीसा का पाठ करना, शिव-पार्वती की पूजा और वैभव लक्ष्मी व्रत का पालन करना साधकों के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। यह न केवल जीवन में खुशहाली लाता है, बल्कि व्यक्ति के आत्मिक और भौतिक दोनों पक्षों में संतुलन बनाए रखता है।
