एक परिवार के सदस्य ने आईएएनएस को बताया, “हमारी मां और मौसी तीर्थयात्रा के लिए ईरान गई थीं। पिछले एक हफ्ते से इंटरनेट बंद था, इसलिए उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा था। यह हमारे लिए बहुत चिंता का समय था। अब हम बहुत उत्साहित हैं और उनका इंतजार कर रहे हैं।
एक अन्य परिजन ने कहा कि उनकी मां 7 जनवरी को ईरान पहुंची थीं। पहले दो दिनों तक उनसे नियमित बातचीत होती रही, लेकिन 8 जनवरी के बाद इंटरनेट बंद हो गया और संपर्क पूरी तरह टूट गया। उन्होंने बताया, “मां ने पहले ही बताया था कि वहां सब सामान्य है। इसके बाद बात नहीं हो सकी, लेकिन अब उनके लौटने की खबर से बहुत राहत मिली है।
परिवार और सरकार ने मिलकर सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की
दिल्ली एयरपोर्ट पर एक परिवार अपने पिता और बहन को लेने आया था। उन्होंने कहा, “सरकार ने बहुत अच्छा काम किया है। हम इसके लिए धन्यवाद देते हैं। हमें खुशी है कि हमारे अपने सुरक्षित वापस आ रहे हैं।
कुछ परिजन दिल्ली के रहने वाले हैं, जबकि उनके रिश्तेदार उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से थे, जो तीर्थयात्रा के लिए ईरान गए थे। उन्होंने बताया कि वहां का माहौल थोड़ा तनावपूर्ण जरूर था, लेकिन किसी बड़ी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।
एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उनकी भाभी और उनके गांव के आठ लोग भी सुरक्षित लौट रहे हैं। एयरपोर्ट पर आए एक व्यक्ति ने कहा, “ईरान में व्यवस्थाएं अच्छी थीं। कुछ लोग दंगे और अशांति की बातें फैला रहे थे, लेकिन हमारी मां से बात हुई, उनके मुताबिक वहां सब ठीक था। ईरानी सरकार हालात संभाल रही थी और भारतीय सरकार, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में, हमारी बहुत मदद कर रही थी।”
लौटे नागरिकों का अनुभव और राहत
ईरान से लौटे एक नागरिक ने बताया, “अब स्थिति सामान्य हो रही है। पहले जैसी नहीं है।
दूसरे यात्री ने कहा, “फिलहाल हालात स्थिर हैं। इंटरनेट बंद था और अंतरराष्ट्रीय कॉल भी काम नहीं कर रहे थे, जिससे हम डर गए थे। बाद में कॉल की सुविधा बहाल हुई। भारतीय दूतावास और सरकार ने हमारी बहुत मदद की, इसके लिए हम आभारी हैं।
एक अन्य लौटे नागरिक ने कहा, “हम पूरी तरह सुरक्षित थे। कुछ भी गलत नहीं हुआ। हमने अपनी तरफ से ही वापसी की।
