बालों का रंग बदलने के पीछे सिर्फ स्टाइल का फैक्टर नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि लोग अपने स्वयं के व्यक्तित्व और मूड को दर्शाने के लिए यह कदम उठा रहे हैं। उदाहरण के लिए, गहरे रंग के बाल अधिक पारंपरिक और गंभीर, जबकि हल्के और पेस्टल टोन के बाल क्रिएटिव और फ्री स्पिरिटेड व्यक्तित्व को दिखाते हैं।
बालों के रंग में नया तकनीकी इनोवेशन
आजकल हेयर कलर में कई नए और सुरक्षित फॉर्मूले उपलब्ध हैं। प्राकृतिक हर्बल और ऑर्गेनिक हेयर डाई बाजार में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। ये न केवल बालों को सुरक्षित रखती हैं, बल्कि लंबे समय तक रंग को बनाए रखने में भी मदद करती हैं। कुछ ब्रांड्स में फेड-फ्री और UV प्रोटेक्टेड कलर भी उपलब्ध है, जिससे बाल चमकदार और स्वस्थ रहते हैं।
सैलून प्रोफेशनल्स बताते हैं कि ग्रैजुएट, ऑफिस-गोइंग और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर युवाओं के बीच कलर ट्रेंड्स को काफी प्रभावित कर रहे हैं। अब लोग सिर्फ पार्टी या इवेंट्स के लिए नहीं, बल्कि डेली लुक के लिए भी रंग बदलते हैं।
बाल रंगते समय ध्यान रखने वाली बातें
हेयर एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि बालों को कलर करने से पहले हमेशा सैलून प्रोफेशनल से सलाह लें। घर पर खुद से डाई लगाने से बालों में डैमेज और ब्रेकेज हो सकता है। इसके अलावा, बालों को रंगने के बाद मास्क, कंडीशनर और सन्सक्रीन का इस्तेमाल करना जरूरी है ताकि रंग लंबे समय तक बना रहे और बाल स्वस्थ रहें।
बालों का रंग बदलने से व्यक्तित्व में भी नया आत्मविश्वास आता है। कई लोग कहते हैं कि नया हेयर कलर उन्हें सक्रिय और ऊर्जा से भरा महसूस कराता है। इस वजह से बालों का रंग केवल फैशन नहीं, बल्कि एक प्रकार की मानसिक और सामाजिक अभिव्यक्ति बन गया है।
सोशल मीडिया और सेलिब्रिटी का असर
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और बॉलीवुड-हॉलीवुड सितारे भी इस ट्रेंड को बढ़ावा दे रहे हैं। इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर बालों के नए रंगों के वीडियो और टिप्स वायरल होते रहते हैं। युवा अपने हेयर कलर के लिए फोटोशूट और सोशल मीडिया पोस्ट के लिए भी प्रेरित हो रहे हैं।
