दीपिंदर गोयल ने शेयरधारकों को लिखे पत्र में बताया कि हाल ही में वे कुछ नए और जोखिम भरे आइडियाज की ओर आकर्षित हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये आइडियाज इटरनल जैसी पब्लिक कंपनी के बाहर बेहतर तरीके से आगे बढ़ाए जा सकते हैं। इसके तहत वे अपने निजी रिसर्चडीपटेक और लंबी अवधि के वेंचर प्रोजेक्ट्स पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
अल्बिंदर ढींडसा अब ग्रुप CEO के रूप में रोजाना के ऑपरेटिंग फैसलेप्राथमिकताएं और बिजनेस डिसिशन संभालेंगे। गोयल ने स्पष्ट किया कि ढींडसा इस भूमिका के लिए पूरी तरह सक्षम हैं और उन्होंने ब्लिंकिट के अधिग्रहण से लेकर ब्रेकइवन तक की यात्रा में अहम योगदान दिया है।
इस बदलाव के हिस्से के रूप में गोयल के सभी अनवेस्टेड स्टॉक ऑप्शन कर्मचारी स्टॉक ऑप्शन ESOP पूल में वापस चले जाएंगे। दीपिंदर ने 2008 में पंकज चड्ढा के साथ मिलकर Zomato की नींव रखी थी। शुरू में कंपनी का नाम Foodiebay था और यह केवल रेस्टोरेंट मेनू और रिव्यू प्लेटफॉर्म के रूप में काम करती थी। बाद में इसे फूड डिलीवरी की दिग्गज कंपनी में बदल दिया गया।
पिछले एक साल में गोयल ने इटरनल के बाहर अपने कई नए डीपटेक वेंचर्सरिसर्च प्रोजेक्ट और लंबे समय के इनोवेशन प्रोजेक्ट्स में कदम रखा। उनका मानना है कि अब वह इन क्षेत्रों में ज्यादा सक्रिय हो सकते हैं और नए आइडियाज को बढ़ावा दे सकते हैं।
कंपनी ने वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के नतीजे भी जारी किए हैं। फाइनेंशियल फाइलिंग में इटरनल ने Q3 रिजल्ट के साथ ग्रुप CEO के पद से दीपिंदर गोयल के इस्तीफे की वजह और नए लीडरशिप बदलाव का विवरण दिया।
इस बदलाव से Zomato में लीडरशिप टीम में नया जोश और दिशा मिल सकती है। दीपिंदर गोयल की दूरदर्शिता और अल्बिंदर ढींडसा की ऑपरेटिंग क्षमता के मिश्रण से कंपनी के आगे के विकास की उम्मीदें मजबूत बनी हुई हैं।
