उन्होंने कहा कि भारत संविधान के तहत ही चलेगा और किसी भी सांप्रदायिक सपना को वे बनने नहीं देंगे।
DPSS ने एक संकल्प यात्रा भी शुरू करने की घोषणा की है, जो बाबा साहब की दीक्षा भूमि नागपुर से शुरू होकर भोपाल में पहले चरण के बाद ग्वालियर तक जाएगी। दामोदर यादव ने कहा कि ग्वालियर हाईकोर्ट परिसर में बाबा साहब की मूर्ति को लेकर विवाद बढ़ा है और ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में वर्ग संघर्ष की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने कहा कि 15 मार्च को वे कांशीराम जी की जयंती से पहले ग्वालियर पहुंचेंगे और अगर सरकार बाबा साहब की मूर्ति नहीं लगाती है तो वे खुद स्थापना करेंगे।
29 तारीख को भोपाल के बोर्ड ऑफिस चौराहे पर यात्रा आएगी और वहां से मुख्यमंत्री निवास तक ज्ञापन दिया जाएगा।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक वीडियो (पत्रिका एमपी) में धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों को “हाथों में हथियार उठाने” और कानूनी प्रक्रिया के बाहर जाकर घरों पर बुलडोजर चलाने जैसी बातें कही हैं, जो समाज में हिंसा और अराजकता फैलाने वाला है। DPSS ने इसे BNS की धारा 196 (समूहों के बीच वैमनस्य) एवं 197 (राष्ट्रीय एकता के विरुद्ध कृत्य) के तहत दंडनीय बताया है।
संगठन ने आरोप लगाया कि संस्कार टीवी पर शास्त्री ने स्टेज-4 कैंसर का 100% इलाज गोमूत्र और हल्दी से करने का दावा किया, जिससे वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धतियों को हतोत्साहित किया गया। DPSS के अनुसार यह BNS की धारा 272 तथा Drugs and Magic Remedies Act, 1954 की धारा 3 व 4 का उल्लंघन है।
शिकायत में नीलम देवी नामक महिला की मौत का भी उल्लेख है, जिनके परिजनों ने शास्त्री के कथित आश्वासनों पर भरोसा कर पांच महीनों तक डायलिसिस जैसे जीवनरक्षक इलाज को छोड़ दिया और अनुष्ठान कराए, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।
DPSS की मांग है कि धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए, मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच हो और अंधविश्वास, हिंसा व भय फैलाने वाले कृत्यों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
