
नगर में सतरंगी रंगो से सजे मां नर्मदा के सभी घाट, नवीन प्रवेश द्वार भी तैयार, गौरव दिवस पर किया जाएगा लोकार्पण
नर्मदापुरम 21,जनवरी,2026(हिन्द संतरी) मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी नर्मदा जयंती के अवसर पर पवित्र माँ नर्मदा को धन्यता प्रकट करने के उद्देश्य से ‘‘निर्झरणी महोत्सव’’ का आयोजन किया जा रहा है। संचालक, संस्कृति एन.पी. नामदेव ने बताया कि नर्मदा केवल नदी नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और सभ्यता की शाश्वत धरोहर है। उनके किनारों पर संस्कृतियाँ और परम्पराएं बसती हैं। आने वाली पीढ़ी अपनी विरासत और संस्कृति के महत्व को जान और समझ सके, इसी विचार के साथ संस्कृति विभाग द्वारा निर्झरणी महोत्सव का आयोजन मध्यप्रदेश में माँ नर्मदा के 11 पवित्र घाटों पर किया जा रहा है।
निर्झरणी महोत्सव के अंतर्गत सेठानीघाट, नर्मदापुरम में 24 एवं 25 जनवरी, 2026 को सायं 6 बजे से सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ संयोजित की जा रही हैं। इसके अंतर्गत 24 जनवरी को सुश्री श्वेता शर्मा एवं साथी, भोपाल द्वारा नर्मदा केन्द्रित नृत्यनाटिका एवं श्री रवि त्रिपाठी एवं ग्रुप, मुम्बई द्वारा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी जायेगी। कार्यक्रम में 25 जनवरी को श्री फूलसिंह माण्डरे एवं साथी, भोपाल द्वारा बुंदेली लोकगायन की प्रस्तुति दी जायेगी। वहीं, सुश्री माधवी मधुकर झा एवं साथी, मुम्बई द्वारा भक्ति गायन की प्रस्तुति दी जायेगी। कार्यक्रम में प्रवेश नि:शुल्क रहेगा।
राजस्थान के धौलपुर पत्थरों से निर्मित नर्मदापुरम के नवीन प्रवेश द्वार का लोकार्पण प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 25 जनवरी को किया जाएगा। यह लोकार्पण मां नर्मदा प्रकटोत्सव एवं नर्मदापुरम जिले के गौरव दिवस के अवसर पर प्रस्तावित है। भोपाल तिराहे का सौंदर्यीकरण कार्य अंतिम चरण में है। इस सौंदर्यीकरण के अंतर्गत राजस्थान के धौलपुर पत्थरों का उपयोग कर सुंदर संरचना का निर्माण किया जा रहा है। तिराहे पर मां नर्मदा की लगभग 5 फीट की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, साथ ही 9 फीट ऊंचा त्रिशूल भी लगाया जाएगा। इस संरचना से नर्मदापुरम के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परिवेश को अलग पहचान प्राप्त होगी। शहर में तैयार किया जा रहा यह नवीन प्रवेश शहर में प्रवेश करने वाले आगंतुकों के लिए मां नर्मदा की महिमा का बखान करता हुआ प्रतीत होगा।।
मां नर्मदा प्रकटोत्सव के दृष्टिगत शहर के समस्त घाटों पर साज-सज्जा एवं सफाई कार्य निरंतर जारी है। घाटों की दीवारों पर विभिन्न प्रकार की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कलाकृतियां उकेरी गई हैं। मुख्य कार्यक्रम स्थल सेठानी घाट पर आकर्षक रंग-रोगन का कार्य किया गया है, वहीं अन्य घाटों पर भी रंगाई-पुताई एवं चित्रकारी का कार्य प्रगति पर है। सतरंगी रंगों से सजे घाटों की सुंदरता और अधिक निखरकर सामने आ रही है।
