करोड़ों खातों के साथ बढ़ता भरोसा
22 जनवरी 2026 तक सुकन्या समृद्धि योजना के तहत 4.53 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं। यह आंकड़ा साफ करता है कि देशभर में माता-पिता अब बेटियों के भविष्य को लेकर पहले से कहीं अधिक जागरूक और जिम्मेदार हो रहे हैं। दिसंबर 2025 तक इस योजना में 3.33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जमा हो चुकी है, जो इसकी लोकप्रियता और लोगों के भरोसे को दर्शाती है।
उच्च ब्याज और पूरी सुरक्षा
फिलहाल सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है, जो बेटियों के लिए बनाई गई सरकारी योजनाओं में सबसे अधिक माना जाता है। इस योजना में जमा की गई राशि और उस पर मिलने वाला ब्याज भारत सरकार द्वारा पूरी तरह सुरक्षित होता है, जिससे यह एक कम जोखिम और भरोसेमंद निवेश विकल्प बनती है।
कैसे और कब खोल सकते हैं खाता
सुकन्या समृद्धि खाता बेटी के जन्म से लेकर 10 साल की उम्र तक खोला जा सकता है। माता-पिता या कानूनी अभिभावक किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक शाखा में यह खाता खुलवा सकते हैं। एक बेटी के नाम पर केवल एक ही खाता खोला जा सकता है और एक परिवार में अधिकतम दो खाते खोलने की अनुमति होती है, हालांकि जुड़वां या तीन बेटियों के मामले में छूट दी जाती है।
निवेश और निकासी के नियम
इस योजना में सालाना न्यूनतम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। खाता खुलने की तारीख से 15 साल तक निवेश किया जा सकता है। बेटी के 18 साल पूरे होने या 10वीं पास करने के बाद शिक्षा के लिए जमा राशि का 50 प्रतिशत तक निकाला जा सकता है। खाता 21 साल बाद परिपक्व होता है।
बेटियों के सशक्त भविष्य की योजना
उच्च ब्याज, टैक्स छूट, पढ़ाई के लिए निकासी की सुविधा और सरकारी सुरक्षा के कारण सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के लिए सबसे बेहतर दीर्घकालीन बचत योजनाओं में से एक बन चुकी है। यह न सिर्फ परिवारों में बचत की आदत को बढ़ावा देती है, बल्कि बेटियों के आत्मनिर्भर और सुरक्षित भविष्य का भरोसा भी देती है।
