विवाद और खामोशी: मौत से पहले क्या हुआ?
शुरुआती जांच में एक गंभीर पहलू सामने आया है।
अकेली थी छात्रा: सव्याश्री की रूममेट 10 जनवरी से छुट्टी पर थी, जिसका फायदा उठाकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।
संदेह का घेरा: वार्डन के मुताबिक, छात्रा एक दिन की छुट्टी के बाद लौटी थी। लौटने पर हुई ‘सामान्य पूछताछ’ और स्टाफ के साथ हुई ‘बहस’ के बीच की कड़ियों को पुलिस जोड़ने में जुटी है।
जांच के अहम बिंदु: मोबाइल और लैपटॉप में छिपे हैं राज
पुलिस और FSL (फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से मुआयना किया।
कोई सुसाइड नोट नहीं: कमरे से कोई लिखित नोट नहीं मिला है, जिससे गुत्थी और उलझ गई है।
डिजिटल फुटप्रिंट्स: पुलिस ने सव्याश्री का स्मार्टफोन और लैपटॉप जब्त कर लिया है।
दरवाजे का लॉक: टीआई विजेंद्र मर्सकोले के अनुसार, पुलिस के पहुंचने से पहले ही दरवाजा खोला जा चुका था, जिसका लॉक टूटा हुआ मिला।
घटनाक्रम: एक नजर में
बुधवार रात सव्याश्री ने मेस में डिनर किया, व्यवहार सामान्य था।
गुरुवार दोपहर जब वह काफी देर तक बाहर नहीं आई, तो सहेलियों ने वार्डन को सूचना दी।
पुलिस कार्रवाई गेट तोड़कर शव को नीचे उतारा गया और हमीदिया मर्चुरी भेजा गया।
प्रशासन पर सवाल
हॉस्टल में छात्रा और स्टाफ के बीच हुई नोक-झोंक ने अब तूल पकड़ लिया है। परिजन और साथी छात्र यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या स्टाफ का व्यवहार इतना प्रताड़ित करने वाला था कि छात्रा को जान देनी पड़ी?
धार से परिजनों के पहुंचने के बाद शुक्रवार को शव का पोस्टमॉर्टम होगा। पुलिस का कहना है कि कॉल डिटेल्स और परिजनों के बयानों के आधार पर जल्द ही FIR की दिशा तय की जाएगी।
डिस्क्लेमर: आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं है। यदि आप या आपके आसपास कोई तनाव में है, तो कृपया मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट या हेल्पलाइन नंबरों से मदद लें।
