वासन ने कहा, “बांग्लादेश को समझना चाहिए कि उनका कप्तान हिंदू है और इसे दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाने के लिए इस्तेमाल करना चाहिए, विवाद बढ़ाने के लिए नहीं।”
ICC के लिए मैच शिफ्ट करना मुश्किल
पूर्व खिलाड़ी ने साफ किया कि टूर्नामेंट शुरू होने से ठीक पहले मैचों को दूसरी जगह शिफ्ट करना ICC के लिए “लॉजिस्टिक नाइटमेयर” होगा। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड कप की तैयारियां काफी पहले से शुरू हो जाती हैं और इतने नजदीक जाकर बदलाव करना लगभग नामुमकिन है।
उनका मानना है कि ICC किसी एक टीम की मांग पर पूरी योजना बदल नहीं सकता। यदि हर टीम अपनी सुविधा के हिसाब से फैसले करवाने लगे, तो बड़े टूर्नामेंट का आयोजन ही मुश्किल हो जाएगा।
BCB और ICC के रुख में टकराव
अतुल वासन ने यह भी कहा कि BCB की चिंताएं ICC के नजरिए से मेल नहीं खातीं। उन्होंने इशारों में कहा कि ICC ने बांग्लादेश को साफ संदेश दे दिया होगा — या तो तय शेड्यूल के अनुसार खेलें या फिर टूर्नामेंट से बाहर होने के लिए तैयार रहें।
हालांकि, BCB अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम बुलबुल ने दोहराया कि बोर्ड अपने रुख पर अडिग है और भारत में मैच खेलने के फैसले पर कायम है। ICC द्वारा अनुरोध खारिज किए जाने के बावजूद बांग्लादेश का रुख नहीं बदला है।
टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत
गौरतलब है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होगी और भारत तथा श्रीलंका संयुक्त रूप से मेजबानी करेंगे। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बांग्लादेश ICC के साथ कोई समझौता करता है या अपने रुख पर अडिग रहता है।
निष्कर्ष:
अतुल वासन की नसीहत साफ संदेश देती है — सुरक्षा पर कोई सवाल नहीं उठाना चाहिए और इसे दो देशों के बीच भरोसा बढ़ाने का अवसर बनाना चाहिए। वहीं, ICC और BCB के बीच चल रहा टकराव टूर्नामेंट के लिए नई चुनौतियां पैदा कर रहा है।
