खरगे ने कांग्रेस के ‘रचनात्मक कांग्रेस’ प्रकोष्ठ के कार्यक्रम ‘मनरेगा बचाओ मोर्चा’ को संबोधित करते हुए कहा, “वोट पाने के लिए कहते हैं, मैं चायवाला हूँ। क्या उन्होंने कभी चाय बनाई? क्या उन्होंने कभी केतली उठाकर रेल के डिब्बों में लोगों को चाय पिलाई? यह सब सिर्फ नाटक है। गरीबों को सताना उनकी आदत बन चुकी है।”
उन्होंने कहा कि सत्ताधारी पार्टी चुनाव प्रचार में व्यस्त है और असल काम के मामले में पिछड़ रही है। खरगे ने प्रधानमंत्री मोदी की उपलब्धियों की तुलना पंडित नेहरू के बड़े प्रोजेक्ट्स से करते हुए कहा, “देश को बताओ, मोदी जी ने ऐसा कौन सा काम किया जो इतिहास में याद रखा जाएगा?”
कांग्रेस ने उनके भाषण के वीडियो और उद्धरण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किए। पोस्ट में लिखा गया है कि मोदी और अमित शाह देश के लिए काम नहीं करते, सिर्फ चुनाव प्रचार में लगे रहते हैं। मनरेगा और मजदूरों के हितों के मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
https://twitter.com/INCIndia/status/2014260487098335309?s=20
भाजपा का पलटवार:
खरगे के बयान पर भाजपा नेता टॉम वडक्कन ने जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक साधारण परिवार से आते हैं और इसे नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके नेता शाही परिवारों से हैं, और वे इस विशेषाधिकार को नकार नहीं सकते।
बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले मोदी अक्सर कहते थे कि उनके पिता वडनगर स्टेशन पर चाय की दुकान चलाते थे और बचपन में उन्होंने पिता की मदद की। कांग्रेस नेताओं ने इस पर कई बार राजनीतिक विवाद खड़े किए हैं, जबकि भाजपा कांग्रेस को “वंशवादी” कहकर पलटवार करती रही है।
खरगे ने चेतावनी दी कि कांग्रेस पूरे देश में मनरेगा बचाने के लिए आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा, “मनरेगा को खत्म करना सिर्फ कमजोर तबकों पर हमला नहीं है, बल्कि महात्मा गांधी की जन-स्मृति और ग्राम स्वराज की सोच पर हमला है। कोई दल इसका नाम बदलने की हिमाकत करे, देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा।”
