रिमी सेन ने कहा कि जॉन ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी और शुरुआती दिनों में लोग कहते थे कि उन्हें एक्टिंग नहीं आती। हालांकि जॉन ने कभी इस पर कुछ नहीं कहा और हमेशा अपने काम में पूरी मेहनत की। उन्होंने ऐसे रोल्स चुने जिसमें उन्हें ज्यादा एक्टिंग नहीं करनी पड़ती थीजैसे एक्शन फिल्मों में। रिमी के अनुसार जॉन ने अपनी समझदारी का इस्तेमाल कर ऐसी फिल्में चुनीं जिसमें वह अच्छे लगें और लोग उनकी एक्टिंग की कमियों पर सवाल न कर सकें।
रिमी ने आगे बताया कि धीरे-धीरे जब जॉन को लोकप्रियता मिली और लोग उन्हें पहचानने लगेतो उन्होंने एक्टिंग सीखना शुरू किया। कैमरे के सामने लगातार काम करने से एक्सपीरियंस आया और इसके बाद जॉन ऐसे रोल्स लेने लगे जिनमें उन्हें एक्टिंग का मौका मिलता। रिमी कहती हैं कि जॉन अपनी लिमिटेशन्स को अच्छी तरह जानते हैं और इसी वजह से उन्होंने अपने करियर को सफल बनाया।
रिमी ने कहा कि उन्हें जॉन पर्सनली जानती हैं और वह उन्हें एक इंटेलिजेंट एक्टर मानती हैं। जॉन ने अपने करियर में न केवल एक्टिंग बल्कि प्रोडक्शन और बिजनेस में भी हाथ आजमाया और कई हिट फिल्में दी हैं।रिमी ने अपने खुद के करियर के फैसलों के बारे में भी बात की और बताया कि उन्होंने क्यों फिल्म इंडस्ट्री छोड़कर दुबई शिफ्ट होने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि दुबई एक स्वागत करने वाला शहर हैयहां 95 प्रतिशत आबादी प्रवासियों की है और बाकी अमीराती लोग हैंयही वजह थी कि उन्होंने नई जिंदगी की शुरुआत वहां की।
जॉन अब्राहम की बात करें तो वह अपनी आखिरी फिल्म तेहरान में नजर आए थे जो पिछले साल रिलीज हुई थी। अब वह रोहित शेट्टी के साथ एक नई फिल्म करने वाले हैं। खबर है कि यह फिल्म पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया की जिंदगी पर आधारित होगी।रिमी सेन के खुलासे से यह साफ हो गया है कि जॉन अब्राहम ने अपने करियर की शुरुआत में काफी मेहनत और समझदारी से काम किया। उन्होंने शुरुआती कमजोरियों को छुपायासही रोल्स चुने और धीरे-धीरे एक्टिंग में खुद को साबित किया।
