इस लग्जरी वॉच का सबसे आकर्षक पहलू इसका थिएटर-स्टाइल डायल है। डायल के भीतर बेहद बारीक कारीगरी से बनाई गई मिनिएचर आकृतियां लगाई गई हैं। इनमें नीली फ्लोरल शर्ट पहने अनंत अंबानी की मूर्ति प्रमुख रूप से दिखाई देती है। उनके साथ एक शेर और एक बंगाल टाइगर की सूक्ष्म आकृतियां भी शामिल हैं, जो वनतारा परियोजना की आत्मा और वन्यजीव संरक्षण की भावना को दर्शाती हैं। डायल में सोने से उकेरा गया हाथी और Vantara नाम भी शामिल किया गया है, जो इस घड़ी को प्रतीकात्मक पहचान देता है।
डिजाइन को जंगल से प्रेरित लुक देने के लिए इसमें ग्रीन कैमुफ्लाज मोटिफ का उपयोग किया गया है। घड़ी में कुल 397 कीमती रत्न जड़े गए हैं, जिनका कुल वजन लगभग 21.98 कैरेट है। इनमें डिमेंटोइड गार्नेट, सावोराइट्स, हरे रंग के नीलम और सफेद हीरे शामिल हैं। इन रत्नों की बारीक सजावट घड़ी को एक विशिष्ट और बेहद प्रीमियम पहचान देती है।
तकनीकी दृष्टि से भी यह घड़ी बेहद खास मानी जा रही है। यह जैकब एंड कंपनी के प्रतिष्ठित ओपेरा कलेक्शन का हिस्सा है, जिसमें जटिल म्यूजिकल मैकेनिज्म दिया गया है। बटन दबाते ही घड़ी से धुन निकलती है और उसी के साथ पूरा डायल अनंत अंबानी, शेर और बाघ की आकृतियों सहित घूमने लगता है। घड़ी निर्माण की दुनिया में म्यूजिक और रोटेटिंग मैकेनिज्म का यह संयोजन अत्यंत दुर्लभ और चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
जिस वनतारा प्रोजेक्ट से यह घड़ी प्रेरित है, वह गुजरात के जामनगर में रिलायंस के रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स के भीतर फैला लगभग 3500 एकड़ का विशाल वन्यजीव पुनर्वास केंद्र है। इसका उद्घाटन मार्च 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यहां डेढ़ लाख से अधिक पशुओं की देखभाल की जाती है और हाथियों के लिए विशेष अस्पताल के साथ MRI और CT स्कैन जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस एक अत्याधुनिक वाइल्डलाइफ हॉस्पिटल भी स्थापित किया गया है।कुल मिलाकर ओपेरा वनतारा ग्रीन कैमो केवल एक महंगी लग्जरी घड़ी नहीं बल्कि कला तकनीक और वन्यजीव संरक्षण के संदेश को वैश्विक मंच तक पहुंचाने का एक प्रतीक बनकर सामने आई है।
