कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अनुसार अप्रैल 2024 से सात दिसंबर 2025 के बीच आईटी और आईटीईएस एयरोस्पेस और एविएशन कृषि रबर चमड़ा पर्यटन और होटल उद्योग जैसे क्षेत्रों में 7.5 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है यह कार्य 34 राज्यों और 670 जिलों में किया गया जिससे योजना की व्यापक पहुंच स्पष्ट होती हैमंत्रालय ने बताया कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना उसकी प्रमुख अल्पकालिक प्रशिक्षण योजना है जो चार चरणों में लगातार विकसित हुई है एक छोटी योजना के रूप में शुरू होकर यह अब मांग आधारित और रोजगार उन्मुख कौशल प्रशिक्षण प्रणाली बन चुकी है
युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए 77 विशेष कोर्स और 102 नई जॉब भूमिकाएं शुरू की गई हैं इनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंडस्ट्री 4.0 ग्रीन जॉब्स और डिजिटल सेवाओं जैसे आधुनिक क्षेत्र शामिल हैं जो तेजी से बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था की मांग को पूरा करते हैंसरकार ने बताया कि देशभर में 15,500 से अधिक संस्थान पीएमकेवीवाई 4.0 को लागू कर रहे हैं इनमें 7,000 से ज्यादा स्किल हब स्कूलों कॉलेजों और आईटीआई में संचालित हो रहे हैं इसके अलावा आईआईटी आईआईएम एनआईटी आईआईआईटी सरकारी संस्थान और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां भी पहली बार इस योजना से जुड़ी हैं
अप्रैल 2024 से सितंबर 2025 के बीच इस योजना पर 1,652.89 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं वहीं पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत 200 करोड़ रुपए का अलग बजट प्रशिक्षकों और मूल्यांकनकर्ताओं का राष्ट्रीय समूह तैयार करने के लिए निर्धारित किया गया है इसके नियम पाठ्यक्रम और प्रमाणन व्यवस्था एनसीवीईटी द्वारा तय की गई है और इन्हें स्किल इंडिया डिजिटल हब पर उपलब्ध कराया गया है
मंत्रालय के अनुसार अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 तक 34,505 प्रशिक्षकों और 13,844 मूल्यांकनकर्ताओं को प्रमाणित किया गया हैआईटीआई को देश में व्यावसायिक शिक्षा की रीढ़ बताते हुए मंत्रालय ने कहा कि 2014 से 2025 के बीच आईटीआई की संख्या 9,977 से बढ़कर 14,682 हो गई है इस दौरान 4,605 नए आईटीआई स्थापित किए गए वहीं छात्रों की संख्या 9.5 लाख से बढ़कर 14 लाख से अधिक हो गई है जो कौशल शिक्षा पर बढ़ते भरोसे को दर्शाता है
