सीहोर। सीहोर जिले में मतदाता सूची को पारदर्शी और शुद्ध बनाने के लिए चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान बड़ी विसंगति सामने आई है। जिले के लगभग 1 लाख 97 हजार मतदाताओं के नाम और डेटा 2003 की पुरानी मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहे, जिससे निर्वाचन आयोग का पोर्टल इन प्रविष्टियों को स्वीकार नहीं कर रहा है। यह गड़बड़ी जिले की चारों विधानसभाओंसीहोर, आष्टा, बुदनी और इछावर में पाई गई है।
मुख्य कारण:
मतदाताओं के नाम, पिता या पति के नाम की वर्तनी में त्रुटि, डेटा एंट्री में तकनीकी खामी या गलत मिलान की वजह से पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पा रहा है। अकेले सीहोर विधानसभा क्षेत्र में 44 हजार से अधिक मतदाताओं का डेटा असंगत पाया गया है।
मतदाताओं के नाम, पिता या पति के नाम की वर्तनी में त्रुटि, डेटा एंट्री में तकनीकी खामी या गलत मिलान की वजह से पोर्टल पर अपलोड नहीं हो पा रहा है। अकेले सीहोर विधानसभा क्षेत्र में 44 हजार से अधिक मतदाताओं का डेटा असंगत पाया गया है।
निर्वाचन विभाग की कार्रवाई:
निर्वाचन शाखा ने अब बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) को निर्देशित किया है कि वे प्रभावित मतदाताओं के घर-घर जाकर नोटिस दें और सही जानकारी एकत्रित करें। यह कार्य पहले से शुरू हो चुका है।
आपत्ति की सुनवाई और अंतिम सूची:
एसआईआर (दावा-आपत्ति) प्रक्रिया के तहत दावा और आपत्ति की सुनवाई 31 जनवरी तक होगी। इसके बाद 7 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
एसआईआर (दावा-आपत्ति) प्रक्रिया के तहत दावा और आपत्ति की सुनवाई 31 जनवरी तक होगी। इसके बाद 7 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
मतदाता क्या करें:
जिन मतदाताओं का डेटा 2003 की सूची से मेल नहीं खा रहा है, वे बीएलओ को अपने आधार कार्ड, पहचान पत्र या अंकसूची जैसे दस्तावेज दिखाकर मौके पर नाम, पिता/पति का नाम और पता सुधारवा सकते हैं।
तहसीलदार अमित सिंह ने बताया कि जिन लोगों ने गणना पत्रक भरा था और जिनका डेटा पुराने रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो पा रहा है, उन्हें नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
