सूर्यास्त्र क्या है और क्यों खास है?
‘सूर्यास्त्र’ भारत का पहला Made-in-India, Multi-Caliber, Long-Range Rocket Launcher System है, जिसे पुणे स्थित NIBE लिमिटेड ने इज़राइल की एल्बिट सिस्टम्स के सहयोग से विकसित किया है। यह Elbit के PULS (Precise & Universal Launching System) आर्किटेक्चर पर आधारित है, जो 150 किलोमीटर और 300 किलोमीटर तक बेहद सटीक हमले करने में सक्षम है।
सूर्यास्त्र की सबसे बड़ी ताकत क्या है?
सूर्यास्त्र की टेस्टिंग में 5 मीटर से भी कम CEP (Circular Error Probable) की सटीकता दिखाई गई है, जो इसे दुश्मन के एयरबेस, रडार, कमांड सेंटर और मिसाइल ठिकानों के लिए घातक बनाती है।इसके अलावा, यह सिस्टम 100 किलोमीटर तक लोइटरिंग मिशन भी चला सकता है, जिससे दुश्मन के रडार और सुरक्षा नेटवर्क को चकमा देना आसान हो जाता है।
मल्टी-कैलिबर क्षमता: एक ही लॉन्चर, कई रॉकेट
सूर्यास्त्र की सबसे बड़ी ताकत इसकी मल्टी-कैलिबर क्षमता है।
यानी एक ही लॉन्चर से अलग-अलग प्रकार के रॉकेट और गाइडेड म्यूनिशन दागे जा सकते हैं, जिससे ऑपरेशनल लचीलापन बढ़ता है और लॉजिस्टिक बोझ कम होता है।
यह सिस्टम BEML के हाई मोबिलिटी व्हीकल (HMV) पर स्थापित है, जिससे यह तेजी से स्थान बदलकर सुरक्षित स्थिति में आ सकता है।
कराची, लाहौर, पिंडी… सब पर सूर्यास्त्र का साया
रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सूर्यास्त्र से भारत की डीप-स्ट्राइक डिटरेंस क्षमता में बड़ा इजाफा हुआ है।
अब पाकिस्तान के बड़े शहर कराची, लाहौर, रावलपिंडी जैसी जगहें भी भारत की सीधी पहुंच में आ गई हैं।
सूर्यास्त्र के एक सटीक हमले से दुश्मन के लिए दोपहर 12 बजे भी ‘सूरज डूब’ सकता है—यह भारत की नई रणनीतिक गहराई का प्रतीक माना जा रहा है।
गणतंत्र दिवस पर दिखेंगे और कई आधुनिक हथियार
गणतंत्र दिवस परेड में सूर्यास्त्र के अलावा ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल सिस्टम, MRSAM, ATAGS, धनुष तोप, शक्तिबान जैसे कई आधुनिक हथियार भी दिखेंगे।
साथ ही इस बार चार जांस्कर पोनी, दो बैक्ट्रियन ऊंट, शिकारी पक्षी और सेना के कुत्ते भी पहली बार परेड में नजर आएंगे।
आज कर्तव्य पथ पर जब सूर्यास्त्र की झलक दिखेगी, तो यह सिर्फ एक हथियार नहीं बल्कि भारत की नई सैन्य ताकत और आत्मविश्वास का प्रतीक होगा।
यह सिस्टम न सिर्फ दुश्मन को दूर से मारने की क्षमता देता है, बल्कि भारतीय सेना की मोबिलिटी और फ्लेक्सिबिलिटी को भी बढ़ाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सूर्यास्त्र ने भारत की रणनीतिक गहराई को मजबूत कर दिया है और पाकिस्तान के लिए यह एक स्पष्ट संदेश है कि भारत अब डिफेंसिव नहीं, बल्कि ऑफेंसिव डीप-स्ट्राइक में भी सक्षम हो गया है।
