
नर्मदापुरम 28,जनवरी,2026(हिन्द संतरी ) बंटवारा, सीमांकन, नामांतरण नजूल नवीनीकरण, भूमि आवंटन, भूअर्जन आदि के प्रकरण समय सीमा में निराकृत किया जाए। उक्त निर्देश नर्मदा पुरम संभाग कमिश्नर कृष्ण गोपाल तिवारी ने बुधवार को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में संभाग के सभी जिलों के कलेक्टर को दिए। कमिश्नर ने निर्देश दिए की अविवादित नामांतरण 30 दिन में एवं सीमांकन के प्रकरण 90 दिन में निराकृत किए जाए। सीमांकन एवं नामांतरण के प्रकरण निराकृत करने के बाद उसकी रिपोर्ट भी अनिवार्य रूप से दी जाए। कमिश्नर ने निर्देश दिए की आरसीएमएस पोर्टल में सभी प्रकरण ऑनलाइन किए जाएं, साथ ही पीओ एवं रीडर आईडी में प्राप्त प्रकरणो के निराकरण में तेज गति से कार्रवाई करते हुए सभी प्रकरणों का निराकरण किया जाए। कमिश्नर ने कहा कि लोक सेवा गारंटी केंद्र में प्राप्त सीमांकन के प्रकरण भी समय सीमा में निराकृत किए जाए। कमिश्नर ने निर्देश दिए की हरदा बैतूल एवं नर्मदा पुरम जिले अभिलेख दुरुस्तीकरण एवं बंटवारा के प्रकरणों के निराकरण में आवश्यक सुधार करें। नजूल नवीनीकरण के प्रकरणों को आरसीएमएस पोर्टल पर दर्ज करें। कमिश्नर ने कहा कि नर्मदा पुरम में काफी आवश्यक सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने भू अर्जन एवं भूमि आवंटन के प्रकरण का समय सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए एवं राजस्व अभिलेखों के डिजिटाइजेशन हेतु अभिलेखों की स्कैनिंग के कार्य करने में अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि फॉर्मर रजिस्ट्री के कार्य में और अपेक्षित सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने तीनों जिलों में संबंधित पीठासीन एवं क्षेत्राधिकारियों के साथ प्रभावी समीक्षा कर अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान हरदा कलेक्टर श्री सिद्धार्थ जैन, बैतूल कलेक्टर श्री नरेंद्र सूर्यवंशी, नर्मदा पुरम जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हिमांशु जैन सहित अन्य अधिकारी ऑनलाइन एवं संयुक्त आयुक्त विकास श्री जी सी दोहर एवं उपायुक्त विकास श्री डी एन पटेल, संभागीय सलाहकार आरसीएमएस श्री भूपेन्द्र गूर्जर ऑफलाइन उपस्थित रहे।
कमिश्नर ने संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों की अद्यतन स्थिति आवेदन के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। कमिश्नर ने आयोजित किए जाने वाले शिविरों में कलेक्टर एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को शामिल होकर आवेदनों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत नर्मदापुरम जिले में कुल 17441 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 6375 आवेदन का निराकरण किया गया है। हरदा जिले में 1302 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें 671 आवेदनों का निराकरण किया गया है वही बैतूल जिले में 10790 आवेदन प्राप्त हुए जिसमें से 2563 अावेदनो का निराकरण किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा के दौरान कमिश्नर ने अपूर्ण आवासो को पूर्ण करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन के अंतर्गत उन्होंने हरदा में एफएचटीसी का कार्य जो पूर्ण हो चुका है इसका ट्रायल करने के निर्देश दिए और कहां की ट्रायल 90 दिवस की अवधि तक किया जाएगा, उसके बाद ग्राम पंचायत को हैंडोवर किया जाएगा साथ ही सर्टिफिकेशन का कार्य भी किया जाएगा। उन्होंने नर्मदा पुरम एवं बैतूल जिले को भी एफएचटीसी का कार्य जल्द से जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कमिश्नर ने आगामी त्योहारों एवं मेलो इत्यादि को दृष्टिगत रखते हुए कानून व्यवस्था की सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि इस अवधि में कोई भी अप्रिय घटना की स्थिति निर्मित ना हो। सभी जगह चाक चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कमिश्नर ने कलेक्टर कान्फ्रेंस अक्टूबर 2025 की कार्रवाई विवरण में उल्लेखित क्षेत्र कृषि एवं अन्य संबंधित क्षेत्र की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए की कॉन्फ्रेंस में 11 बिंदुओं पर समीक्षा की गई थी। सभी कलेक्टर्स एवं कृषि विभाग के अधिकारी प्राकृतिक खेती, भावांतरण, व्यवस्थित तरीके से खाद वितरण, पराली न जलाने, रवि फसल की कटाई, उद्यानिकी क्षेत्र के क्लस्टर क्षेत्र में विस्तार, एक बगिया मां के नाम, कामधेनु गौशाला के संबंध में प्रतिदिन समीक्षा करें। कमिश्नर ने निर्देश दिए की कृषि, मत्स्य, पशुपालन एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारी प्रतिदिन 11 बिंदुओं पर मॉनिटरिंग करते हुए कलेक्टर को इन बिंदुओं पर हो रही अपेक्षित प्रगति से प्रतिदिन अवगत कराए।
कमिश्नर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के भी 22 बिंदु है जिनमें प्रतिदिन अपेक्षित प्रगति लानी है। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि वह प्रतिदिन स्वास्थ्य विभाग से संबंधित 22 पॉइंट में उल्लेखनीय प्रगति लाते हुए प्रतिदिन इसकी समीक्षा करें एवं अपने कलेक्टर को अवगत कराए।कमिश्नर श्री तिवारी ने माह अक्टूबर से माह दिसंबर तक पोर्टल में सेम और मेम बच्चों के चिन्हांकन के संबंध में निर्देश दिए कि सेम मेंम बच्चों को शासन की योजनाओं में शामिल करते हुए उन्हें बेहतर से बेहतर इलाज की सुविधा एवं पोषण आहार दिया जाए। उन्होंने सभी सेम मेम बच्चों को सामान्य एवं स्वस्थ बच्चों की श्रेणी में लाने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने कहा कि सभी आंगन बाड़ियों में दर्ज बच्चे माह में 21 दिन अनिवार्य रूप से आंगन बाड़ियों में उपस्थित रहे इसके लिए सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अतिरिक्त प्रयास कर बच्चों की आंगनवाड़ी में उपस्थिति सुनिश्चित कराए।
