सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और एहतियातन पूरे क्षेत्र को सुरक्षित कर लिया गया। प्राथमिक सुरक्षा जांच के बाद संदिग्ध डिवाइस को सावधानीपूर्वक कब्जे में लेकर थाने लाया गया और वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में राहत की बात सामने आई कि यह कोई विस्फोटक या खतरनाक उपकरण नहीं है। जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि यह एक रेडियोसॉन्ड है जिसका उपयोग मौसम विज्ञान में किया जाता है। यह उपकरण मौसम गुब्बारे के जरिए ऊंचाई पर भेजा जाता है और तापमान आर्द्रता तथा वायुदाब जैसी अहम जानकारियां मौसम केंद्रों तक भेजता है।
उपकरण पर मौजूद जानकारी के अनुसार यह रेडियोसॉन्ड मलेशिया मौसम विज्ञान विभाग से संबंधित बताया जा रहा है। प्रारंभिक अनुमान है कि तेज हवाओं और मौसमी परिस्थितियों के कारण यह उपकरण करीब चार हजार किलोमीटर की दूरी तय कर रायसेन जिले के मरखंडी क्षेत्र में आकर गिरा।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि संभावना है कि गुब्बारा आसमान में किसी अन्य वस्तु से टकराया हो या किसी पक्षी द्वारा नुकसान पहुंचने के कारण फट गया हो जिससे यह यंत्र जमीन पर गिर गया। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ क्षेत्र में मलेशिया मौसम विभाग से जुड़े इसी तरह के उपकरण के गिरने की घटना सामने आ चुकी है। फिलहाल पुलिस ने यंत्र को थाना परिसर में सुरक्षित रखवा दिया है और आगे की जानकारी के लिए संबंधित एजेंसियों को सूचित किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि इस तरह की किसी भी संदिग्ध वस्तु को न छुएं और तुरंत पुलिस को सूचना दें।
