बीजेपी प्रदेश कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, यह व्यवस्था सोमवार से शुक्रवार तक लागू रहेगी। हर कार्यदिवस दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक मंत्रियों की ड्यूटी तय की गई है। खास बात यह है कि इस जनसुनवाई में मंत्रियों के साथ-साथ पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी और विधायक भी मौजूद रहेंगे, ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करना, संगठनात्मक फीडबैक लेना और जनहित से जुड़े मुद्दों को सरकार तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है। बीजेपी नेतृत्व का मानना है कि इससे न केवल संगठन मजबूत होगा, बल्कि जमीनी स्तर की समस्याओं का भी समय पर निराकरण संभव हो सकेगा।
जारी रोस्टर के मुताबिक फरवरी के पहले सप्ताह में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह जैसे वरिष्ठ मंत्री प्रदेश कार्यालय में बैठेंगे। वहीं दूसरे सप्ताह में डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला, पंचायत मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल, राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा और पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी जनसुनवाई करेंगे।
तीसरे सप्ताह में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, कृषि मंत्री ऐदलसिंह कंसाना, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया और खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को जिम्मेदारी दी गई है। चौथे सप्ताह में अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, एमएसएमई मंत्री चेतन्य कश्यप और उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनेंगे।
पार्टी नेताओं का कहना है कि हर दिन अलग-अलग विभागों से जुड़े मंत्री मौजूद रहने से संबंधित विषयों पर सीधे चर्चा संभव हो पाएगी। इसके साथ ही प्रदेश पदाधिकारी भी मंत्रियों के साथ बैठकर मामलों को नोट करेंगे और आवश्यक फॉलोअप सुनिश्चित करेंगे।
बीजेपी संगठन की इस पहल को आगामी समय में सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल का माध्यम माना जा रहा है। इससे कार्यकर्ताओं में भी यह संदेश जाएगा कि पार्टी नेतृत्व उनकी बात सुनने और समाधान निकालने के लिए गंभीर है। प्रदेश कार्यालय में होने वाली यह नियमित सुनवाई आने वाले दिनों में पार्टी की संगठनात्मक मजबूती को और धार देने का काम करेगी।
