नई दिल्ली। बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले श्रद्धालुओं के लिए नए नियम लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) जल्द इस पर बैठक कर नियमों को अंतिम रूप देगी, जिसमें मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन पर बैन और गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक शामिल हो सकती है।
BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति मंदिर परिसर में फोन लेकर घूमता मिला, तो उसका मोबाइल जब्त किया जाएगा और भारी जुर्माना लगाया जाएगा, क्योंकि समिति का कहना है कि कई लोग मंदिर परिसर में ब्लॉगिंग और वीडियो बनाते हैं, जो अनुमति के बिना नहीं होगा। दोनों धामों के अंदर एक सीमा (बॉर्डर लाइन) तय की जाएगी, जहां से आगे फोटो/वीडियोग्राफी और ब्लॉगिंग पर रोक होगी और इसी सीमा के अंदर मोबाइल उपयोग करने पर कार्रवाई होगी। इसके लिए परिसर में लॉकर सुविधा भी बनाई जाएगी, लेकिन लॉकर की जगह और किराया अभी तय नहीं हुआ है।
प्रस्तावित नियमों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति ब्लॉगिंग करना चाहता है तो उसे BKTC या DM से अनुमति लेनी होगी, अन्यथा पकड़े जाने पर भारी जुर्माना या समिति की कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही बद्रीनाथ और केदारनाथ समेत समिति के अंतर्गत आने वाले मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव भी तैयार किया जा रहा है। इस बार बद्रीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल 2026 को सुबह 6:15 बजे खुलेंगे, जो पिछले साल से 11 दिन पहले है, जबकि केदारनाथ धाम के कपाट की तारीख और समय महाशिवरात्रि (15 फरवरी 2026) के अवसर पर उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में घोषित किया जाएगा। 2025 में बद्रीनाथ में 16.52 लाख और केदारनाथ में 16.56 लाख तीर्थयात्रियों ने दर्शन किए थे, जो 2024 के आंकड़ों से अधिक है।
