नेता प्रतिपक्ष और BJP के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को आनंदपुर में विरोध प्रदर्शन कर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस आग में मरने या लापता होने वाले लोग हिंदू हैं, इसलिए वे ममता बनर्जी के वोटबैंक में नहीं आते। उन्होंने यह भी कहा कि BJP जनता की आवाज उठाकर इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को सजा दिलाने के लिए प्रदर्शन कर रही है। उनके इस बयान को राजनीतिक और सामाजिक रूप से विभाजनकारी बताया जा रहा है, जिससे सियासी घमासान और तेज हो गया है।
इसी बीच पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने इस हादसे को “बहुत ही चौंकाने वाली, परेशान करने वाली और दुखद” बताया। उन्होंने कहा कि इस आग में कीमती मानव जीवन गया है और हादसे से पहले, दौरान और बाद में कई जरूरी कदम उठाए जाने थे, जो नहीं उठाए गए। राज्यपाल ने साफ कहा कि इस घटना में कंपनी, गोदाम मालिक और कानून लागू करने वाली एजेंसियां सभी जिम्मेदार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस घटना पर एडवाइजरी तैयार कर रहे हैं, जिसे जल्द ही जारी किया जाएगा, क्योंकि ऐसे हादसों पर आंखें बंद नहीं की जा सकतीं।
पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पहले मंगलवार को परिसर और डेकोरेशन फर्म के मालिक गंगाधर दास को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें अदालत में पेश कर पुलिस हिरासत में भेजा गया। शुक्रवार को मनोरेनजन शीट (प्रबंधक) और राजा चक्रवर्ती (उप-प्रबंधक) को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों को नरेंद्रपुर पुलिस ने पकड़ा है और उन्हें शनिवार को बरुइपुर कोर्ट में पेश किया जाएगा।
आग लगने के कारणों और सुरक्षा मानकों के पालन पर जांच जारी है। 21 मानव अवशेष मिलने के बाद मृतकों की सही संख्या का आंकड़ा अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, क्योंकि कई अवशेष एक ही व्यक्ति के भी हो सकते हैं। जांच में DNA परीक्षण के बाद ही मृतकों की सटीक पहचान और संख्या तय होगी।
